Advertisment

एक बार फिर से टाटा सन्स के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किए गए एन चंद्रशेखरन, जानिए उनकी सफलता की कहानी

एक बार फिर से टाटा सन्स के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किए गए एन चंद्रशेखरन, जानिए उनकी सफलता की कहानी N Chandrasekaran appointed as the Executive Chairman of Tata Sons once again, know his success story nkp

author-image
Bansal Digital Desk
एक बार फिर से टाटा सन्स के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किए गए एन चंद्रशेखरन, जानिए उनकी सफलता की कहानी

नई दिल्ली। एक बार फिर से एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) टाटा सन्स (Tata Sons) के एक्जीक्यूटिव चेयनमैन नियुक्त किए गए हैं। टाटा सन्स बोर्ड ने शुक्रवार को उन्हें फिर से पांच साल के लिए नियुक्त किया है। बता दें कि चंद्रशेखरन का पहला कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है। टाटा समूह के साथ चंद्रशेखरन का रिश्ता 30 साल पुराना है। उन्होंने 1987 में टाटा समूह को ज्वाइन किया था।

Advertisment

​कौन हैं एन चंद्रशेखरन

एन चंद्रशेखरन का पूरा नाम नटराजन चंद्रशेखरन है। उनका जन्म 1963 में तमिलनाडु में नमक्कल के निकट मोहानुर में एक तमिल परिवार में हुआ था। वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एन चंद्रशेखरन की प्राथमिक शिक्षा तमिल मीडियम स्कूल में हुई और वह अपने दो भाइयों के साथ मोहनूर नाम के गांव में 3 किमी पैदल चलकर स्कूल जाया करते थे। चंद्रशेखरन ने कोयंबटूर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलाजी से स्नातक और तमिलनाडु में रीजनल इंजीनियरिंग कालेज, तिरुचिरापल्ली से कंप्यूटर ऐप्लिकेशंस में मास्टर्स यानी एमसीए किया है। रीजनल इंजीनियरिंग कालेज को अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलाजी, तिरुचिरापल्ली के नाम से जाना जाता है। एन चंद्रशेखरन, चंद्रा के नाम से मशहूर हैं।

इंटर्न के तौर पर टाटा से जुड़े थे

गौरतलब है कि एन चंद्रशेखरन इंटर्न के तौर पर 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services or TCS) से जुड़े थे। साल 2007 में वह टीसीएस के सीओओ (Chief Operating Officer) और साल 2009 में सीईओ बने। उनकी लीडरशिप में टीसीएस ने नई बुलंदियां छुईं। एन चंद्रशेखरन की लीडरशिप में टीसीएस ने 2015-16 में 16.5 अरब डॉलर का रेवेन्यु जनरेट किया।

2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हुए थे

चंद्रशेखरन को अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल किया गया था। जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन नियुक्त किया गया था और फरवरी 2017 में उन्होंने यह पद संभाला था। टाटा सन्स के चेयरमैन पद पर चंद्रशेखरन की नियुक्ति साइरस मिस्त्री की जगह हुई थी। टाटा सन्स के इतिहास में यह पहली बार था कि किसी गैर पारसी को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया। चंद्रशेखरन टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर और टीसीएस जैसी कंपनियों के बोर्ड में भी चेयरमैन हैं। एयर इंडिया को टाटा ग्रुप की झोली में वापस लाने में भी एन चंद्रशेखरन की बड़ी भूमिका रही है।

Advertisment

​पद्म भूषण से हैं सम्मानित

एन चंद्रशेखरन लंबी दौड़ों के शौकीन हैं और कई मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं। उन्हें फोटोग्राफी का भी शौक है। वह नैसकॉम के चेयरमैन, आरबीआई बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। नटराजन चंद्रशेखरन को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें देश व विदेश में कई दिग्गज यूनिवर्सिटीज ने डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा है। इतना ही नहीं एन चंद्रशेखरन को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। एक इंटर्न से आज कंपनी के सबसे ऊंचे पद पर पहुंकर उन्होंने 'जहां चाह वहां राह वाली कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है। आज लाखों युवा उन्हें अपना आइकॉन मानते हैं।

who is n chandrasekaran tata sons chairman tata sons Tata Group tata chairman Tata natarajan chandrasekaran N Chandrasekaran success story N Chandrasekaran story N Chandrasekaran again tata sons chairman N Chandrasekaran
Advertisment
चैनल से जुड़ें