Advertisment

OBC आरक्षण भी खा गए जिम्मेदार: जनजातीय विभाग ने शिक्षक भर्ती में 14 प्रतिशत भी नहीं दिये पद, HC ने सरकार से मांगा जवाब

MP Teacher Bharti Issue: शिक्षक भर्ती 2023 में जनजातीय विभाग द्वारा ओबीसी आरक्षण का पालन नहीं किये जाने पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किये ​हैं

author-image
Rahul Sharma
OBC आरक्षण भी खा गए जिम्मेदार: जनजातीय विभाग ने शिक्षक भर्ती में 14 प्रतिशत भी नहीं दिये पद, HC ने सरकार से मांगा जवाब

हाइलाइट्स

  • ट्राइबल के स्कूलों में 1129 शिक्षकों की होगी नियुक्ति
  • भर्ती के लिये 6 से 14 अगस्त तक चलेगी काउंसलिंग
  • रोस्टर में हुई गलती विभाग को पड़ सकती है भारी
Advertisment

MP Teacher Bharti Issue: मध्य प्रदेश के ट्राइबल यानी आदिवासी बाहुल्य इलाकों में जल्द ही वर्ग 1 के शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

रिजल्ट 20 फरवरी को ही आ चुका है, हालांकि साढ़े पांच महीने बाद विभाग इसकी काउंसलिंग शुरु करने जा रहा है।

काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी होते ही जनजातीय विभाग की ये भर्ती विवादों में आ गई है। दरअसल इस भर्ती के रोस्टर पर आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया है।

Advertisment

जिम्मेदार ओबीसी आरक्षण ही खा गए हैं। जिसके चलते उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।

ट्राइबल विभाग 1129 पदों पर कर रहा है भर्ती

ट्राइबल डिपार्टमेंट 1129 पदों पर शिक्षक भर्ती कर रहा है। ये भर्ती विषयवार होना है और इसमें बैकलॉग के पद भी शामिल हैं।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1820362312210858427

सभी आरक्षण के बाद 16 विषयों में पद बांटने पर ये स्थिति है कि 100 में से 90 नंबर लाने वाले भी शिक्षक नहीं बन पाएंगे।

Advertisment

इसे लेकर वेटिंग शिक्षक संगठन लगातार पदवृद्धि की मांग भी कर रहे हैं।

OBC उम्मीदवारों का हक खा गए जिम्मेदार

उच्च माध्यमिक यानी वर्ग 1 शिक्षक भर्ती 2023 (MP Teacher Bharti Issue) किसी भर्ते से कम नहीं है। यह भर्ती शुरु से ही विवादों में रही।

MP-Teacher-Bharti-Issue-OBC-Roster

ये माना कि ओबीसी के 27% आरक्षण पर विवाद है, पर इसका मतलब ये नहीं कि OBC उम्मीदवारों का हक ही खा लिया जाए।

इस भर्ती में OBC को 14% आरक्षण तो छोड़िए अर्थशास्त्र, इतिहास, गणित और संस्कृत जैसे विषयों में एक भी पद नहीं दिया गया है।

Advertisment

अधिकारियों ने नहीं सुनी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 के रोस्टर को सुधारने के लिए OBC उम्मीदवार विभाग के अधिकारियों से मिले।

MP-Teacher-Bharti-Issue-OBC-Gyapan

उन्हें ज्ञापन भी दिया, लेकिन रोस्टर सुधारने जैसा कहीं कोई आश्वासन नहीं मिला। जिसके बाद उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

4 सप्ताह में सरकार को देना है जवाब

हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच की ओर से नोटिस जारी हुए हैं। मामले में सरकार को 4 सप्ताह में जवाब देना है।

Advertisment

MP-Teacher-Bharti-Issue-OBC-HC-Gwalior

ग्वालियर के धर्मेंद्र सेन की याचिका पर होम अफेयर्स, स्कूल एजुकेशन और ट्राइबल डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिव सहित कर्मचारी चयन मंडल के चेयरमेन को नोटिस जारी हुआ है।

मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में 17 सितंबर को है।

EWS उम्मीदवारों का आरक्षण भी नील गए जिम्मेदार

ट्राइबल डिपार्टमेंट ने भर्ती के रोस्टर में EWS कैटेगिरी ही गायब कर दी है, जबकि नियमानुसार किसी भी भर्ती में EWS उम्मीदवारों के लिये 10 फीसदी आरक्षण दिया जाना है।

MP-EWS-Teacher-Recruitment-02

विभाग ने सिर्फ कृषि विज्ञान विषय में EWS आरक्षण दिया है। बाकि अन्य 15 विषयों में EWS आरक्षण या तो गायब ही कर दिया है या ना के बराबर पद दिये हैं।

Advertisment

भर्ती रोकने EWS उम्मीदवार भी लगाएंगे याचिका

ट्राइबल विभाग की लापरवाही से EWS उम्मीदवारों (MP EWS Teacher Recruitment) का भविष्य खतरे में है।

ऐसे में इस भर्ती प्रक्रिया को रोकने के लिए उम्मीदवार हाई कोर्ट की शरण लेंगे

भारतीय ईडब्ल्यूएस संघ के अध्यक्ष धीरज तिवारी ने कहा कि वे इसे लेकर जल्द ही हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका लगा रहे हैं।

...तो क्या भर्ती पर लग सकती है रोक

वर्ग 1 शिक्षक भर्ती 2023 शुरु से विवादों में है। स्कूल शिक्षा विभाग के विरुद्ध पहले से ही हाईकोर्ट जबलपुर में सुनवाई चल रही हैं। सिंगल बेंच ने भर्ती पर रोक लगा दी थी, जिसे डबल बेंच में चैलेंज किया गया।

अब ट्राइबल डिपार्टमेंट को लेकर भी मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है। ये तय है कि रोस्टर में आरक्षण नियमों का पालन नहीं हुआ है। ऐसे में कोई बड़ी बात नहीं कि आने वाले समय में इस भर्ती पर रोक भी लग सकती है।

Advertisment
चैनल से जुड़ें