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Image Source: Twitter@School Education Department, MP
School Reopen in Madhya Pradesh: शिक्षा और बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए कोरोना के कारण महीनों से बंद स्कूलों को अब धीरे-धीरे खोलने की कोशिश की जा रही है। मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं 18 दिसंबर से नियमित रूप से शुरू होंगी। प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार इंदर सिंह परमार (Inder Singh Parmar) ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा, 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार इंदर सिंह परमार ने कहा, कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल आगामी 18 दिसंबर से नियमित रूप से पूरे निर्धारित समय तक के लिए संचालित होंगी। यह निर्णय बोर्ड की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कक्षा 9वीं-11वीं के लिए विद्यार्थियों के नामांकन और उपलब्ध अध्यापन कक्ष के आधार पर प्राचार्य द्वारा स्थानीय स्तर पर कक्षाओं के संचालन पर निर्णय लिया जा सकेगा।
राज्य मंत्री परमार ने सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। इंदर सिंह परमार ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोड मैप अंतर्गत विभागीय डैशबोर्ड और कार्ययोजना को समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि, नई शिक्षा नीति के अनुसार बच्चों का पाठ्यक्रम तैयार करें। दूरस्थ क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों में आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखकर योजना तैयार करें।
राज्यमंत्री परमार ने निर्देश दिए कि, अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को प्रमाण पत्र दिए जाएं। प्रदर्शन के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और कांस्य श्रेणी एवं प्रमाण पत्र के लिए स्कूल सर्टिफिकेशन की व्यवस्था तैयार करें। हमारा घर-हमारा विद्यालय के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह अच्छा शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र दिए जाएं। अभिभावकों से सीधे संवाद के लिए प्रदेश स्तरीय मेगा पेरेंट्स टीचर मीट आयोजित करें, इसमें स्कूल के पूर्व छात्रों को भी जोड़ा जाए।
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परमार ने अशासकीय स्कूल संचालकों द्वारा बताई गई समस्याओं और मांगों पर विस्तृत चर्चा की। उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मौलाना आजाद केंद्रीय पुस्तकालय का आधुनिकीकरण करें और उसे सर्व सुविधा युक्त बनाएं। प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को NIC पोर्टल और जिले स्तर पर किए गए सर्वे के आधार पर पाठ्यपुस्तक या वर्कबुक का वितरण करें। सामाजिक संगठन और जिला प्रशासन के सहयोग से प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था करें।
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