महिला से छेड़खानी केस में बेकसूर को बनाया आरोपी: अब SP को हाईकोर्ट में मांगनी पड़ी माफी, कोर्ट ने लगाई फटकार

MP High Court Satna SP: सतना में एक युवक को झूठे मामले में फंसाने के लिए एसपी को हाईकोर्ट में माफी मांगनी पड़ी। जांच में पता चला कि युवक घटना के समय महाराष्ट्र में था और एसआई ने जानबूझकर उसे आरोपी बनाया था।

महिला से छेड़खानी केस में बेकसूर को बनाया आरोपी: अब SP को हाईकोर्ट में मांगनी पड़ी माफी, कोर्ट ने लगाई फटकार

MP High Court Satna SP: सतना में एक युवक को झूठे मामले में फंसाने के लिए एसपी को हाईकोर्ट में माफी मांगनी पड़ी। जांच में पता चला कि युवक घटना के समय महाराष्ट्र में था और एसआई ने जानबूझकर उसे आरोपी बनाया था। इसके चलते युवक का परिवार 8 महीने तक परेशान रहा। दरअसल एक महिला ने युवक पर मारपीट और छेड़खानी का आरोप लगाया था, लेकिन जांच में पता चला कि युवक उस समय महाराष्ट्र में था और वहां एक फैक्ट्री में काम करता था। एसआई ने जानबूझकर युवक को आरोपी बनाया और उसके परिवार को 8 महीने तक परेशान किया। पुलिस ने कई बार उनके घर आकर और थाने बुलाकर पूछताछ की। हाईकोर्ट ने इस मामले में एसपी को माफी मांगने का आदेश दिया।

क्या है पूरा मामला

सतना जिले के खमरिया गांव के तीन निवासी राजा चौधरी, रामजी चौधरी और कैलाश चौधरी 28 अप्रैल को सतना के घूरड़ांग गांव में एक शादी में गए थे। लेकिन 4 मई को एक 32 वर्षीय महिला ने कोलगंवा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि इन तीनों ने और एक अन्य व्यक्ति विकास ने उसके साथ मारपीट और छेड़खानी की है। महिला का आरोप था कि सब्जी व्यापारी राजा चौधरी के साथ उसका पैसों को लेकर विवाद हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने यह काम किया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और राजा, रामजी और कैलाश को उनके घर से गिरफ्तार किया। लेकिन विकास को गिरफ्तार नहीं किया जा सका, इसलिए सतना एसपी ने 1 जून 2024 को उसे अपराधी बताकर उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया। यह एक्शन कोलगंवा थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर एसपी ने लिया था।

जांच में पता चला विकास उस दिन था ही नहीं

जांच अधिकारी अमरीश द्विवेदी ने 28 जून 2024 को महाराष्ट्र के रायगढ़ में विकास से मुलाकात की और उसकी फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे के 28 अप्रैल 2024 के फुटेज देखे। फुटेज में विकास फैक्ट्री में काम करता दिखा, जिससे यह साबित हुआ कि वह घटना के समय वहां मौजूद था। इसके अलावा, फैक्ट्री मालिक विनोद खानवलकर ने भी बताया कि विकास 4 अप्रैल से ही फैक्ट्री में काम कर रहा था। हालांकि, एसआई ने सतना लौटकर विकास की चार्जशीट तैयार की, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को गुमराह किया और विकास की फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज, फैक्ट्री मालिक के बयान और विकास की मोबाइल लोकेशन की डिटेल नहीं दी। इसके बाद, 5 अगस्त 2024 को कोलगंवा थाना पुलिस ने सतना जिला कोर्ट में चालान पेश कर दिया और विकास के पिता की अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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विकास के पिता ने कोर्ट में लगाई याचिका

विकास के वकील दीपक तिवारी ने हाईकोर्ट में केस फाइल किया था और बताया था कि विकास 28 अप्रैल 2024 को महाराष्ट्र में था और एसआई अमरीश द्विवेदी ने महाराष्ट्र जाकर विकास से पूछताछ भी की थी। हाईकोर्ट ने सतना एसपी को हलफनामे के साथ कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। इसके अलावा, सीएसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि एसआई अमरीश द्विवेदी ने केस में गंभीर लापरवाही बरती है और उनके खिलाफ विभागीय जांच की जानी चाहिए।

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