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अतिथि शिक्षकों को फिर आश्वासन: शिक्षा मंत्री ने कहा पुरानी घोषणा को भूल जाओ, प्रतिनिधिमंडल की सरकार से आज फिर मुलाकात

MP Guest Teacher Protest: प्रदेश के 8000 अतिथि शिक्षक एक बार फिर सड़क पर हैं। मंगलवार को आश्वासन के बाद आंदोलन को रोक दिया गया। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह आज प्रतिनिधि मंडल से मिलेंगे।

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Rohit Sahu
अतिथि शिक्षकों को फिर आश्वासन: शिक्षा मंत्री ने कहा पुरानी घोषणा को भूल जाओ, प्रतिनिधिमंडल की सरकार से आज फिर मुलाकात

MP Guest Teacher Protest: प्रदेश के 8000 अतिथि शिक्षक एक बार फिर सड़क पर हैं। मंगलवार को आश्वासन के बाद आंदोलन को रोक दिया गया लेकिन आज फिर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से अतिथि शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल मुलाकात करेगा। मंगलवार को बारिश के बावजूद अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन 6 घंटे तक जारी रहा, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को लेकर दृढ़ता से आवाज उठाई। एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से मिलने पहुंचा, लेकिन उस समय बात नहीं बनी। अब शिक्षा मंत्री ने बुधवार सुबह 11 बजे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने का समय दिया है।

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शिवराज सिंह चौहान का वादा याद दिलाया

दरअसल शिवराज सिंह चौहान जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने अतिथि शिक्षकों को परमानेंट करने की घोषणा की थी। अब अतिथि शिक्षक मोहन सरकार को शिवराज सिंह चौहान का वादा याद दिला रहे हैं। मंगलवार को अतिथि शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों को नियमित करने और गुरुजी के समान वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इसलिए, अतिथि शिक्षक अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं।

पुरानी घोषणा भूल जाओ-शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक अतिथि शिक्षक बीएम खान ने बताया कि शिक्षा मंत्री से मिलकर हमने उन्हें पिछले साल की घोषणा के बारे में याद दिलाया, लेकिन मंत्री ने हमें कहा कि उस घोषणा को भूल जाओ। वहां लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारी भी बैठे हुए थे। हालांकि आश्वासन के बाद अब बुधवार यानी आज फिर प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए मिलने जाएगा।

अतिथि शिक्षकों की मांगें:

- स्कोर कार्ड में अनुभव के आधार पर अधिकतम 100 में से 10 अंक शामिल करें।
- अनुभव के आधार पर नीति बनाकर अतिथि शिक्षकों को 12 माह का सेवाकाल और पद स्थाई करें।
- 30% से कम परीक्षा परिणाम वाले अतिथि शिक्षकों को एक और मौका दें।
- गुरुजियों की तरह अलग से विभागीय पात्रता परीक्षा लेकर नियुक्ति की जाए।
- अतिथि शिक्षक भर्ती में वार्षिक अनुबंध सत्र 2024-25 से लागू करें।

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