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फॉरेस्ट गार्ड्स से नहीं होगी 165 करोड़ की वसूली: वन विभाग ने आगामी आदेश तक लगाई रोक, सीसीएफ-सीएफ केवल गणना पत्रक बनाएंगे

MP Forest Deportment Fine: फॉरेस्ट गार्ड्स से नहीं होगी 165 करोड़ की वसूली: हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, सीसीएफ-सीएफ को फाइन का नहीं अधिकार

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Rohit Sahu
फॉरेस्ट गार्ड्स से नहीं होगी 165 करोड़ की वसूली: वन विभाग ने आगामी आदेश तक लगाई रोक, सीसीएफ-सीएफ केवल गणना पत्रक बनाएंगे

MP Forest Deportment Fine: मध्य प्रदेश में फॉरेस्ट गार्ड्स को बड़ी राहत मिली है। वन विभाग ने आगामी आदेश तक 165 करोड़ रुपये की वसूली पर रोक लगा दी है। अब मुख्य वनसंरक्षक और वनसंरक्षक फॉरेस्ट गार्ड्स से अधिक दिए गए वेतन की गणना पत्रक तैयार करेंगे, लेकिन वसूली नहीं करेंगे। यह आदेश अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक कमलिका मोहंता ने मंगलवार को जारी किए हैं।

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फॉरेस्ट गार्ड्स से होनी थी 165 करोड़ की वसूली

विभाग ने 5200 के बजाय 5680 के पे-बैंड देकर पिछले 8 वर्षों में 6,592 फॉरेस्ट गार्ड्स को निर्धारित सैलरी से 165 करोड़ रुपये अधिक दिए हैं। यह स्थिति भोपाल और नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश में देखने को मिली। इन दोनों जिलों के कोषालय अधिकारियों ने इस गड़बड़ी का पता लगाया और इसे वित्त विभाग के संज्ञान में लाया। ।

अगले आदेश तक रोक लगाई

अगस्त में वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति उठाते हुए वन विभाग को लिखा कि फॉरेस्ट गार्ड पद सीधी भर्ती का नहीं है, इसलिए उन्हें 5680 का पे-बैंड नहीं दिया जा सकता। उनका वेतन मूलभूत नियम 22 A 2 के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद वन विभाग ने सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फॉरेस्ट गार्ड्स को पिछले 8 वर्षों में दी गई अतिरिक्त राशि की गणना करें और हर माह किस्तों में राशि की वसूली शुरू करें।

वनमंत्री और अधिकारियों से मिले फॉरेस्ट गार्ड्स

फॉरेस्ट गार्ड्स को वसूली के नोटिस दिए जा रहे थे। यह गड़बड़ी 1 जनवरी 2006 से 8 सितंबर 2014 के बीच भर्ती हुए वनरक्षकों की सैलरी में हुई थी। फॉरेस्ट गार्ड्स से डेढ़ से 5 लाख रुपये तक की वसूली की जानी थी, और इस राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ता। जब वसूली के आदेश जारी हुए, तो फॉरेस्ट गार्ड्स ने वनमंत्री रामनिवास रावत, वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और वसूली पर रोक लगाने की मांग की। मंत्री और वन बल प्रमुख ने फॉरेस्ट गार्ड्स को आश्वासन दिया कि वसूली नहीं की जाएगी।

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पुनर्विचार का प्रस्ताव शासन को भेजा

फॉरेस्ट गार्ड्स के विरोध के बाद, वन मुख्यालय ने वित्त विभाग के निर्देशों पर पुनर्विचार के लिए शासन को एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में फॉरेस्ट गार्ड्स के लिए 5680+1900 के वेतनमान पर सहमति का अनुरोध किया गया है।

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