हाइलाइट्स
- रेप के मामलों पर DGP कैलाश मकवाना का बयान।
- रेप की घटनाओं को अकेली पुलिस नहीं रोक सकती।
- घर में निगरानी खत्म, इंटरनेट और मोबाइल जिम्मेदार।
MP DGP rape cases statement: कोलकाता में लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस बीच देश में बढ़ती रेप की घटनाओं को लेकर मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना (DGP Kailash Makwana) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रेप की घटनाओं को रोकना पुलिस के बूते की बात है तो वो संभव नहीं है। उनका मानना है कि इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील कंटेंट, मोबाइल फोन, शराब और जीवन मूल्यों में आई गिरावट अपराधों की मुख्य वजह हैं।
रेप रोकना सिर्फ पुलिस का काम नहीं
दरअसल, डीजीपी (Director General of Police) कैलाश मकवाना उज्जैन में संभागीय समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उनसे रेप की बढ़ती घटनाओं पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि रेप जैसी गंभीर घटनाओं को सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी मानना उचित नहीं है, केवल पुलिस लग गई तो भी अपराध नहीं रुकेगा, इसमें इंटरनेट, नैतिक पतन, अश्लील सामग्री प्रमुख भूमिका निभा रही है।
नैतिक मूल्यों का पतन और मोबाइल जिम्मेदार
डीजीपी ने कहा कि “यह मोबाइल और इंटरनेट की वजह से संभव हो रहा है कि कोई भी कहीं से भी जुड़कर अश्लीलता तक पहुंच सकता है…” उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन अश्लील कंटेंट बच्चों और युवाओं के दिमाग को विकृत कर रहा है, जिससे सामाजिक मर्यादाएं टूट रही हैं और अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे में हम यह कहें कि रेप की घटनाओं को रोकना पुलिस के बूते की बात है तो वो संभव नहीं है।
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पारिवारिक ढांचे की कमजोरी
डीजीपी मकवाना ने पारिवारिक संरचना में आई ढीलापन पर भी चिंता जताई। पहले टीचर्स और माता–पिता की बातों का असर होता था, लेकिन अब घरों में निगरानी खत्म हो गई है। उन्होंने कहा हम देख रहे हैं कि घरों के अंदर भी लोग एक-दूसरे पर नजर नहीं रख रहे हैं। पहले बच्चे अपने शिक्षकों और माता-पिता की बात मानते थे। शर्म या सम्मान की भावना होती थी, लेकिन अब उनमें से कई सीमाएं गायब हो गई हैं।
इंटरनेट के माध्यम से जिस तरह से अश्लील सामग्री आसानी से उपलब्ध हो रही है, उसका नकारात्मक प्रभाव बच्चों की सोच पर पड़ रहा है। नतीजतन, कम उम्र से ही मानसिक विकृति बढ़ रही है, जो इस तरह की आपराधिक घटनाओं की एक बड़ी वजह बन रही है।
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