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Navratri Nonveg Ban: नवरात्रि पर नगर निगम का बड़ा फैसला, मटन-चिकन की बिक्री पर बैन, मीट शॉप खुली मिली तो होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के देवास में नगर निगम ने नवरात्रि को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम प्रशासन ने नवरात्रि में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर रोक लगाई है। नवमी तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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Vikram Jain
Navratri Nonveg Ban: नवरात्रि पर नगर निगम का बड़ा फैसला, मटन-चिकन की बिक्री पर बैन, मीट शॉप खुली मिली तो होगी कार्रवाई

हाइलाइट्स

  • नवरात्रि को लेकर देवास नगर निगम का बड़ा फैसला।
  • नवमी तक मांस, मछली और अंडों की बिक्री पर बैन।
  • बंद रहेंगी नॉनवेज की दुकानें, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई।
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Madhya Pradesh Dewas Municipal Corporation Navratri Nonveg Ban: नवरात्रि के पावन अवसर को लेकर मध्य प्रदेश के देवास में नगर निगम ने एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है। नवरात्रि के दौरान देवास में नॉनवेज बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया। मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर बैन लगाया गया है। 9 दिनों तक चिकन, मटन, मछली और अंडा की दुकानें बंद रहेंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। साथ ही चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय श्रद्धालुओं को शुद्ध सात्विक वातावरण देने के उद्देश्य से लिया गया है।

9 दिन बंद रहेंगी नॉनवेज की दुकानें

धार्मिक नगरी देवास में नवरात्रि के अवसर पर नगर निगम (Dewas Municipal Corporation) ने धार्मिक आस्था और परंपरा का सम्मान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। देवास में 9 दिन तक नॉनवेज की दुकानें बंद रहेंगी। मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह रोक नवरात्रि के पहले दिन से लेकर नवमी तक लागू रहेगी। महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि नवरात्रि के नौ दिनों तक सभी मांसाहारी होटल और दुकानें बंद रहेंगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस सस्पेंड या निरस्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी।

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सात्विक आहार और व्रत का महत्व

दरअसल, सनातन धर्म में नवरात्रि के दौरान व्रत रखने की परंपरा है, जिसमें लोग केवल सात्विक भोजन का सेवन करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यदि व्रतधारी व्यक्ति मांसाहारी वस्तु देख भी ले, तो उसका व्रत भंग हो सकता है। इस भावना को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यह फैसला लिया है। बता दें कि नवरात्रि में देवास की मां टेकरी पर स्थित चामुंडा माता और तुलजा भवानी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसमें दूर-दूर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मन्नतें मांगने और दर्शन करने पहुंचते हैं।

जनता से सहयोग की अपील

नगर निगम ने देवास के नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस निर्णय में प्रशासन का सहयोग करें और सात्विक माहौल बनाए रखने में भागीदार बनें। इससे माँ दुर्गा की आराधना में किसी प्रकार का विघ्न नहीं आएगा। इससे शहर में शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे और धार्मिक अनुष्ठानों का सही तरीके से पालन किया जा सके।

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