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MP CONSTABLE EXAM BIG BREAKING:मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधीन हुई आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया,मई में दी सुनवाई की तारीख

पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई 5 मई को नियत कर दी है। याचिकाकर्ताओ ने एक आंकड़ा भी पेश किया है जो यह कहता है कि अगर एक्स सर्विसमैन के लिए आरक्षित 601 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन होता तो प्रथम चरण में 3000 से अधिक

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Gourav Sharma
MP CONSTABLE EXAM BIG BREAKING:मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अधीन हुई आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया,मई में दी सुनवाई की तारीख

BHOPAL:मध्य प्रदेश में चल रही 6000 पदों पर आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक आदेश के अधीन होगी ।आपको बता दें कि आज भूतपूर्व सैनिकों द्वारा दायर 33 याचिकाएं पर सुनवाई की गई जिनमे मध्यप्रदेश में हो रही पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में एक भी पूर्व सैनिक को ना चुने जाने का मामला हाईकोर्ट में उठाया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश शासन समेत मध्य प्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। इसके साथ ही यह आदेश भी दिए हैं कि फिलहाल प्रदेश में जारी आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया हाई कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी ।MP CONSTABLE EXAM BIG BREAKING

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याचिकाकर्ताओं की दलील

गौरतलब है कि 33 याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका के माध्यम से दलील दी कि मध्यप्रदेश शासन ने कुल 6000 पुलिस आरक्षको के पदों का चयन करने के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी।इनमें 601 पद एक्स सर्विसमैन के लिए आरक्षित किए गए थे ।आरक्षकों के कुल 6000 पदों के लिए हुई प्रथम प्रवेश परीक्षा पूर्ण हो चुकी है,जिनमें 30 हज़ार उम्मीदवारों को अगली प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।लेकिन इसमें एक भी फौजी या एक्स सर्विसमैन शामिल नहीं है,जो कहीं ना कहीं नियमों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओं ने यह दलील भी दी है कि एक्स सर्विसमैन के पदों को सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों द्वारा नहीं भरा जा सकता। क्योंकि नियम के मुताबिक एक्स सर्विसमैन के पदो पर सिर्फ एक्स सर्विसमैन ही भर्ती होते हैं। इन तमाम तर्कों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने शासन समेत अन्य से जवाब तलब किया है और पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई 5 मई को नियत कर दी है। याचिकाकर्ताओ ने एक आंकड़ा भी पेश किया है जो यह कहता है कि अगर एक्स सर्विसमैन के लिए आरक्षित 601 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन होता तो प्रथम चरण में 3000 से अधिक अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट किए जा सकते थे लेकिन किसी को भी शासन ने पात्र नहीं माना।

दिग्विजय ने लिखा था शिवराज को पत्र

मध्यप्रदेश के पू्र्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दोबारा रिजल्ट जारी करने की मांग की है। इसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा । और कई अन्य मांगो को सीएम के सामने रखा है। हलाकि इस मामले पर सीएम की तरफ से अभी तक उन्हें कोई भी जवाब नहीं दिया गया है।MP Police Constable Result 2022

पूर्व सैनिक कोटे को लेकर रखी मांग

उन्होंने पत्र में लिखा है कि पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के मद्देनजर परीक्षा परिणाम फिर से जारी किया जाए। क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 10 प्रतिशत आरक्षण का पालन नहीं किया गया है। MP Police Constable Result 2022

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