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महाकाल मंदिर में बीजेपी विधायक की दादागिरी: नियम तोड़कर गर्भगृह में घुस गए, बाहर भक्त कर रहे थे बारी का इंतजाम

Mahkal Mandir Ujjain: महाकाल मंदिर, जहां लोग अपना अहंकार मिटाने और भगवान से क्षमा मांगने आते हैं,

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Rohit Sahu
महाकाल मंदिर में बीजेपी विधायक की दादागिरी: नियम तोड़कर गर्भगृह में घुस गए, बाहर भक्त कर रहे थे बारी का इंतजाम

हाइलाइट्स

  • महाकाल मंदरि में बीजेपी विधायक की दादागिक
  • महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर का वर्चस्व
  • बाहर भक्त दर्शन के लिए कर रहे इंतजार
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Mahkal Mandir Ujjain: महाकाल मंदिर, जहां लोग अपना अहंकार मिटाने और भगवान से क्षमा मांगने आते हैं, वहीं जनप्रतिनिधि और उनके स्वजन का अहंकार यहां भी नहीं छूटता। भाजपा विधायक अनिल जैन ने अपना जन्मदिन मनाने के लिए समर्थकों के साथ गर्भगृह में प्रवेश किया, जबकि आम श्रद्धालु दूर से ही दर्शन कर पाए। यह वीआईपी कल्चर का एक उदाहरण है, जो मंदिर की व्यवस्थाओं को प्रभावित करता है और प्रशासन को चुनौती देता है।

वीआईपी कल्चर के सामने आम भक्त बेबस हो जाते हैं और 80 फीट दूर से ही भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। यह मंदिर की पवित्रता को भंग करता है और धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक हस्तक्षेप के मुद्दे को फिर से उठाता है।

प्रशासन और पुलिस के अधिकारी वीआईपी कल्चर के सामने मुंह खोलने का साहस नहीं जुटा पाते हैं, जो मंदिर की व्यवस्थाओं को प्रभावित करता है। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर की धौंस

महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर की धौंस बढ़ती जा रही है, जहां जनप्रतिनिधि और उनके स्वजन प्रोटोकाल के नियमों को ताक पर रखकर गर्भगृह में प्रवेश कर रहे हैं। देवास की भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार का बेटा विक्रम सिंह अपनी गाड़ियों का काफिला लेकर गर्भगृह में घुस गया था, यह एक ताजा उदाहरण है।

पिछले एक वर्ष में कई मंत्री, सांसद, विधायक और सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं ने गर्भगृह में प्रवेश किया है, जिनमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी महेंद्र सिंह भी शामिल हैं। यह मंदिर की पवित्रता को भंग करता है और धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक हस्तक्षेप के मुद्दे को फिर से उठाता है।

गर्भगृह के लिए ये ड्रेस है अनिवार्य

महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के नियम हैं, जैसे कि पुरुषों को सोला और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है, लेकिन वीआईपी कल्चर के सामने ये नियम टूट जाते हैं। यह मंदिर की व्यवस्थाओं को प्रभावित करता है और प्रशासन को चुनौती देता है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर की धौंस बढ़ती जा रही है, जहां जनप्रतिनिधि और उनके स्वजन प्रोटोकाल के नियमों को ताक पर रखकर गर्भगृह में प्रवेश कर रहे हैं। इस मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के नियम हैं, जैसे कि पुरुषों को सोला और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है, लेकिन वीआईपी कल्चर के सामने ये नियम टूट जाते हैं ।

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