आस्था के अलग-अलग रंग होते हैं. हर रंग बहुत खास होता है. महाराष्ट्र के बीड से आस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो बहुत ही अलग और खास है. हम सभी हाथों में भगवान का प्रसाद ग्रहण कर उसे माथे से लगाते हैं. लेकिन क्या कभी आपने सुना है कि छत से प्रसाद फेंका जाए. इस प्रसाद को हाथों में नहीं बल्कि उल्टे छाते में लिया जाए. बीड जिले नें भगवान गणपति का ऐसा ही एक मंदिर है. इस मंदिर की परंपरा बहुत ही अनोखी है. 100 साल पुरानी इस परंपरा के मुताबिक, गणपति बप्पा की पूजा के बाद प्रसाद को छत से फेंका जाता हैं. इस प्रसाद को वहां मौजूद श्रद्धालु छाता उल्टा पकड़कर लपकते हैं. ये परंपरा यहां पिछले 100 सालों से चली आ रही है. बीड के इस श्रीगणेश मंदिर इलाके में गौरी पूजन के दौरान बड़ी मात्रा में प्रसाद बनाया जाता है. मंदिर में पूजा के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद फेंककर वितरित किया जाता है. पहले के समय में लोग यहां पगड़ी या धोती में प्रसाद को स्वीकार करते थे. समय के साथ बदलती परंपरा में लोग छतरी उल्टा कर इस प्रसाद को स्वीकारने लगे.
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