वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत: एक महीने में पहले कान्हा से लाया था, मुहली रेंज में मिला शव, टेरिटरी फाइट की आशंका

सागर के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कान्हा से शिफ्ट किए गए 35 माह के बाघ की मौत हो गई है। बाघ का शव मुहली रेंज की मानेगांव बीट में बरामद हुआ। शुरुआती जांच में आपसी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।

Veerangana rani Durgavati Tiger Reserve

फाइल फोटो।

Sagar Veerangana rani Durgavati Tiger ReserveTiger Death: मध्यप्रदेश के नए वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों के कुनबे को बसाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। करीब एक महीने पहले ही कान्हा टाइगर रिजर्व से शिफ्ट किए गए एक युवा बाघ की रविवार को मौत हो गई। विभाग को इसकी लोकेशन पिछले तीन दिनों से एक ही स्थान पर मिल रही थी, जिसके बाद की गई सर्चिंग में बाघ का शव बरामद हुआ। मृतक बाघ की उम्र 3 से 4 साल बताई जा रही है। वन विभाग अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि यह प्राकृतिक मौत है या बाघों के बीच आपसी वर्चस्व की जंग (Territory Fight Tiger) का परिणाम।

मानेगांव बीट में मिला बाघ का शव

सागर जिले के मुहली रेंज स्थित कोर एरिया में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वन विभाग की टीम को निगरानी के दौरान 35 महीने के एक युवा बाघ का शव मिला। इस बाघ को सुरक्षा के लिहाज से कॉलर आईडी पहनाई गई थी। रेडियो कॉलर से मिल रहे सिग्नल के अनुसार, बाघ पिछले तीन दिनों से एक ही स्थान (मानेगांव बीट) पर स्थिर था। जब टीम मौके पर पहुँची, तो बाघ जमीन पर मृत अवस्था में मिला। सोमवार सुबह पन्ना, भोपाल और जबलपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया।

मानेगांव बीट में मिला बाघ का शव

सागर जिले के मुहली रेंज स्थित कोर एरिया में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वन विभाग की टीम को निगरानी के दौरान 35 महीने के एक युवा बाघ का शव मिला। इस बाघ को सुरक्षा के लिहाज से कॉलर आईडी पहनाई गई थी। रेडियो कॉलर से मिल रहे सिग्नल के अनुसार, बाघ पिछले तीन दिनों से एक ही स्थान (मानेगांव बीट) पर स्थिर था। जब टीम मौके पर पहुँची, तो बाघ जमीन पर मृत अवस्था में मिला। सोमवार सुबह पन्ना, भोपाल और जबलपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया।

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टेरिटरी फाइट का गहरा संदेह

जांच अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है। डीएफओ रजनीश कुमार के अनुसार, मौके पर बिजली के तार या करंट के कोई सबूत नहीं मिले हैं, और न ही पानी में जहर होने के संकेत हैं। घटनास्थल पर अन्य वन्यजीवों के पगमार्क (पैरों के निशान) मिले हैं, जिससे यह माना जा रहा है कि अपनी सीमा (Territory) बनाने के संघर्ष में किसी दूसरे शक्तिशाली बाघ ने इस पर हमला किया होगा।

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कान्हा में मिला था विशेष प्रशिक्षण

यह बाघ महज 35 महीने का था। अप्रैल 2023 में यह अपनी माँ से अलग हो गया था, जिसके बाद इसे कान्हा टाइगर रिजर्व के विशेष बाड़े में रखकर 'रिवाइल्डिंग' (शिकार की ट्रेनिंग) दी गई थी। खुद शिकार करने में सक्षम होने के बाद, 18 जनवरी को ही इसे नए घर यानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया था। लेकिन शिफ्टिंग के एक महीने के भीतर ही इसकी मौत ने वन प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पन्ना और भोपाल से आई डॉक्टरों की टीम मौत की असली वजह तलाशने में जुटी है।

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