MP की वोटर लिस्ट के SIR में चौंकाने वाले आंकड़े: इंदौर में सबसे ज्यादा 3.9 लाख अनमैप-अब्सेंट, भोपाल दूसरे नंबर पर, शिफ्टेड वोटरों में सबसे आगे

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (special revision drive) एसआईआर के पहले चरण के सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े शहरों में मतदाताओं का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा अव्यवस्थित है।

MP SIR First Phase

MP SIR First Phase: मध्यप्रदेश में मतदाता सूची (MP Voter List Update) के विशेष पुनरीक्षण अभियान (special revision drive) एसआईआर के पहले चरण के सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

इंदौर (Indore News) न केवल सबसे अधिक मतदाताओं वाला जिला है, बल्कि यहां अनमैप जिनकी जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती और अब्सेंट यानी अनुपस्थित मतदाताओं की संख्या प्रदेश में सबसे ज्यादा है। यहां के 3 लाख 9 हजार 120 वोटर अनमैप और अब्सेंट हैं। वहीं, प्रदेश में सबसे ज्यादा शिफ्ट होने वाले वोटर भोपाल (bhopal news) के हैं, यहां के 2 लाख 86 हजार 661 शहर छोड़ गए या अन्य जगह शिफ्ट हो गए। ये एमपी के कुल वोटरों का 13.48 फीसदी हैं। इस कैटेगरी में दूसरे नंबर पर इंदौर और तीसरे नंबर पर ग्वालियर है। जबलपुर (jablpur news) में डेथ यानी मृत मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। इसी तरह डुप्लीकेट वोटरों में सबसे आगे बुरहानपुर (burhanpur news) जिले का नाम है।

40 लाख से अधिक वोटर की स्थिति संदेहास्पद

चुनाव आयोग (election commission of india) द्वारा जारी डेटा के अनुसार, राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 61 हजार 430 वोटर थे, जिनमें से लगभग 92% से ज्यादा मतदाता यानी 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 वोटरों की मैपिंग की गई हैं। इनमें से 40 लाख से अधिक नाम ऐसे हैं, जिनकी स्थिति संदेहास्पद या अमान्य पाई गई। नई मतदाता सूची के प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े शहरों में मतदाताओं का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा अव्यवस्थित है।

श्रेणीसंख्याकुल वोटर में प्रतिशत
मृत (Death)8,46,1841.47%
अनुपस्थित (Absent)8,42,6771.47%
स्थायी रूप से स्थानांतरित22,78,3933.97%
डुप्लीकेट वोटर2,76,961
अन्य / अनमैप29,927

यहां सबसे ज्यादा अनमैप वोटर

जिलासंख्याप्रतिशत
भोपाल1,16,9255.5%
इंदौर1,33,6964.66%
जबलपुर69,3943.6%
ग्वालियर68,5404.15%
उज्जैन48,0353.01%

यहां सबसे कम अनमैप वोटर

जिलाअनमैप वोटर (संख्या)प्रतिशत (%)
सीधी1,3560.13
निवाड़ी1,4480.34
झाबुआ1,9680.22
उमरिया2,0810.43
डिंडोरी2,2400.42

यहां सबसे ज्यादा वोटरों की डेथ

जिलासंख्याप्रतिशत
जबलपुर51,3572.67%
इंदौर43,741
सागर36,467

यहां सबसे कम वोटरों की डेथ

जिलासंख्याप्रतिशत
पांढुर्ना4,9811.15%
हरदा5,3031.20%
निवाड़ी5,5391.31%

यहां सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटर

जिलासंख्याप्रतिशत
बुरहानपुर23,5943.85%
इंदौर22,8080.8%
धार14,1980.8%
भोपाल14,1710.67%

यहां सबसे कम डुप्लीकेट वोटर

जिलासंख्याप्रतिशत
उमरिया9680.2%
आगर-मालवा9880.2%
नीमच1,0360.17%

यहां से सबसे ज्यादा शिफ्टेड वोटर

जिलासंख्याप्रतिशत
भोपाल2,86,66113.48%
इंदौर1,97,8986.9%
ग्वालियर1,48,2738.99%

यहां से सबसे कम शिफ्टेड वोटर

जिलाशिफ्टेड वोटर (संख्या)प्रतिशत (%)
पांढुर्ना5,7841.34
डिंडोरी6,9891.32
निवाड़ी9,7092.30

यहां सबसे ज्यादा अब्सेंट वोटर

जिलासंख्याप्रतिशत
इंदौर1,75,4246.1%
भोपाल1,01,5034.77%
जबलपुर66,6783.46%

यहां सबसे कम अब्सेंट वोटर

जिलाअब्सेंट वोटर (संख्या)प्रतिशत (%)
अलीराजपुर6720.11
पांढुर्ना1,3710.32
आगर–मालवा1,7340.36

एसआईआर अगला जरूरी Timeline

चुनाव आयोग ने एसआईआर को तीन चरणों में विभाजित किया है।

दावे और आपत्तियां: 22 जनवरी 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।

जांच प्रक्रिया: प्राप्त आवेदनों और दस्तावेजों की 14 फरवरी तक गहन पड़ताल होगी।

अंतिम प्रकाशन: 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रारूप जारी किया जाएगा।

अनमैप वोटरों को कल से नोटिस 

जिन मतदाताओं का डेटा रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा है (Unmapped), उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

नोटिस तामिली: बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर नोटिस तामिल यानी पहुंचाएंगे।

समय सीमा: नोटिस मिलने के बाद मतदाता को अपना पक्ष रखने के लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा।

अनिवार्य दस्तावेज: दावे की पुष्टि के लिए एसआईआर फॉर्म के पीछे अंकित 11 आधिकारिक दस्तावेजों में से कोई भी एक या अन्य प्रामाणिक पहचान पत्र ईआरओ (ERO) या एईआरओ (AERO) के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

शिफ्टेड और गुमशुदा कार्ड की स्थिति

स्थानांतरित मतदाता: जो लोग अपना मूल स्थान छोड़ चुके हैं या जिनका वोटर कार्ड खो गया है, उन्हें संबंधित निर्वाचन अधिकारी (ERO/AERO) के पास अपना दावा पेश करना होगा। अधिकारी परिस्थितियों के आधार पर उचित निर्णय लेंगे।

फॉर्म की जांच: जिन मतदाताओं के फॉर्म अधूरे हैं या जिनकी मैपिंग में विसंगतियां हैं, उन्हें भी नोटिस देकर सुनवाई का मौका दिया जाएगा।

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अपील की क्या है व्यवस्था ?

यदि कोई मतदाता स्थानीय अधिकारियों के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह अपील कर सकता है।

प्रथम अपील: जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) के समक्ष।

द्वितीय अपील: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), मध्य प्रदेश के समक्ष।

इस विशाल प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष रूप से पूरा करने के लिए आयोग ने भारी अमला तैनात किया है।

230 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)

532 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)

725 सहायक एईआरओ

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