MP Love Jihad Case: एमपी में कमजोर लड़कियों पर लव जिहाद का निशाना! SIT की रिपोर्ट में खुलासा, 4 साल में 305 केस, इंदौर-भोपाल में सबसे ज्यादा

MP Love Jihad Case Update: मध्यप्रदेश में फाइनेंशियल, फैमिली और इमोशनल रूप से कमजोर लड़कियों को लव जिहाद (MP Love Jihad Case) का निशाना बनाया जा रहा है। टॉप न्यूज

MP Love Jihad Case

MP Love Jihad Case Update: मध्यप्रदेश में फाइनेंशियल, फैमिली और इमोशनल रूप से कमजोर लड़कियों को लव जिहाद (MP Love Jihad Case) का निशाना बनाया जा रहा है। स्टेट स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (MP SIT) की जांच रिपोर्ट (MP Love Jihad Case Expose) में ये खुलासा हुआ है। Indore News 

मई 2025 में भोपाल (bhopal news) के एक निजी कॉलेज से लव जिहाद (MP Love Jihad Case) का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आने के बाद SIT का गठन किया गया था। साल 2021 से जून 2025 तक प्रदेश में धर्म परिवर्तन के करीब 305 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 236 मामले लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने के सामने आए हैं।

पीड़ित और निशाना बनाने का तरीका

रिपोर्ट के अनुसार, जिन मामलों में आरोप साबित हुए, उनमें यह पाया गया कि आरोपी मुख्य रूप से आर्थिक, पारिवारिक और भावनात्मक रूप से कमजोर लड़कियों को निशाना बनाते थे।

फंडिंग एंगल: पुलिस ने अब तक जिन आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की जांच की है, उनमें फंडिंग (वित्तीय सहायता) का कोई ठोस एंगल नहीं मिला है।

न्यायिक परिणाम और चुनौतियां

सजा की दर: पिछले साढ़े चार वर्षों में 2021-जून 2025 सिर्फ 7 मामलों में सजा हुई है। जबकि 51 मामलों में आरोपी बरी हो गए। 162 केस अभी भी अदालत में लंबित हैं।

मुख्य कारण: अधिकांश मामलों में पीड़िता ने न्यायालय में अपनी सहमति से प्रेम संबंध होने की बात कबूली है। 

कुछ पीड़िताओं की सहमति: पीड़िताओं ने बयान दिया कि वे अपनी मर्जी से आरोपी के साथ प्रेम में थीं और अपनी सहमति से दूसरे धर्म के लड़के के साथ रही हैं।

कई परिवारों के दबाव: कई 'धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम' के तहत दर्ज मामलों परिवारों द्वारा सामाजिक दबाव की बात सामने आई है।

धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के मामले

वर्षकुल केसप्रेम जाल में फंसायान्यायालय में विचाराधीनसजादोषमुक्तपुलिस लंबित
2021655636052300
2022555041001301
2023422828020903
2024493742000601
2025 (जून)936515000078

पिछले साल के मुकाबले इस साल दोगुना ज्यादा केस

आईजी और स्टेट एसआईटी के प्रमुख अभय सिंह (Abhay Singh) के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में साल 2025 में जून तक ही मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी थी, जो एक चिंताजनक संकेत है। ऐसे मामलों की जांच गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिए गए हैं। रोकथाम के लिए हर स्तर पर प्रयास जरूरी हैं। संस्थानों में निगरानी कमेटी का सही ढंग से काम करना महत्वपूर्ण है।

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सर्वाधिक मामले (टॉप 5 शहर)

इंदौर: (Indore) 88 

भोपाल: (Bhopal) 32

खंडवा: (Khandwa) 15

सिवनी: (Seoni) 11

उज्जैन: (Ujjan) 10

जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष का बयान

जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने हाल ही में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और 'थूक जिहाद' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भोपाल में शनिवार को जमीअत की नेशनल गवर्निंग बॉडी की बैठक को संबोधित करते हुए मदनी ने ये बातें कहीं। यह बैठक भोपाल की तर्जुमे वाली मस्जिद में आयोजित की गई थी।

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मौलाना मदनी का 'जिहाद' शब्द पर आपत्ति 

मूल अर्थ पर बल: मौलाना मदनी ने कहा कि जिहाद जैसे मुकद्दस (पवित्र) शब्द को जानबूझकर आतंक और हिंसा से जोड़ा जा रहा है।

बदनाम करने का आरोप:उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी 'जिहाद' वाले शब्द मुसलमानों को बदनाम करने के उद्देश्य से गढ़े गए हैं।

इस्लाम में जिहाद:इस्लाम में जिहाद का मतलब अन्याय और जुल्म के खिलाफ संघर्ष करना है। उन्होंने जोर दिया कि "जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा।"

निष्पक्षता पर सवाल: मौलाना मदनी ने देश की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

संदेह का कारण: उन्होंने कहा कि अदालतों को हर हाल में निष्पक्ष रहना चाहिए, लेकिन हाल के कुछ फैसलों ने संदेह पैदा किया है।

संविधान का पालन: उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तभी 'सुप्रीम' कहलाएगा, जब वह पूरी तरह से संविधान का पालन करेगा।

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भोपाल वीआईटी के पानी में मिला बैक्टीरिया, अब हेल्थ डिपार्टमेंट जांच में पता लगाएंगे ये कितना हानिकारक

VIT Bhopal Update

VIT Bhopal Update: भोपाल वीआईटी कैंपस के हॉस्टल और कैंटीन के पानी में हानिकारक बैक्टीरिया (VIT Bhopal water Bacteria) मिला है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि यह मानव के लिए कितना हानिकारक है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगा। जिसमें आगे और भी कुछ चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

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