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MP में नहीं सुधर रहे रिश्वतखोर: अब सिवनी में 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों धराया रोजगार सहायक, पीएम आवास की किश्त के बदले मांगी थी घूस

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद भी रिश्वतखोरी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने सिवनी में कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

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Vikram Jain
Seoni Rojgar Sahayak Rishwat Case Lokayukta Action

Seoni Rojgar Sahayak Rishwat Case Lokayukta Action: मध्यप्रदेश में लोकायुक्त पुलिस लगातार घूसखोरों को पकड़ रही है, लेकिन कार्रवाई के बाद भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी रिश्वतखोरी से बाज नहीं आ रहे। ताजा मामला सिवनी जिले से सामने आया है, जहां जनपद पंचायत बरघाट की ग्राम पंचायत साल्हे कोसमी में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक ओमेंद्र पारधी को उसके घर पर 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त जारी करने के बदले पैसों की डिमांड की थी। कार्रवाई के बाद से विभाग के कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।

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लोकायुक्त जबलपुर की बड़ी कार्रवाई

मध्यप्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसों की डिमांड और जनता को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर लोकायुक्त ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सिवनी जिले में जनपद पंचायत बरघाट की साल्हे कोसमी गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए रोजगार सहायक ओमेंद्र कुमार पारधी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

पीएम आवास की किश्त के लिए रिश्वत

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले के अनुसार, शिकायतकर्ता और ग्राम पंचायत के उपसरपंच अब्दुल वहाब खान ने जबलपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अब्दुल वहाब ने बताया कि उनकी पत्नी सबीना बी का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की सूची में प्राथमिकता पर जोड़ने और 1.50 लाख रुपए की पहली किश्त जल्द स्वीकृत कराने के एवज में रोजगार सहायक 10 हजार रुपए की मांग कर रहा था। इसके बाद पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपए देना तय हुआ। शिकायत का सत्यापन होने के बाद डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

आरोपी के घर पर लोकायुक्त की दबिश

जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने शिकायत के आधार पर आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, गुरुवार दोपहर को जैसे ही अब्दुल वहाब ने रोजगार सहायक ओमेंद्र पारधी को उसके घर पर 5 हजार रुपए थमाए, आसपास छिपी लोकायुक्त टीम ने आरोपी रोजगार सहायक को रंगे हाथों दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही उसके हाथों से गुलाबी रंग निकलने लगा, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।

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फाइल बढ़ाने में देरी, रिश्वत के लिए बनाया दबाव

जानकारी के अनुसार आरोपी रोजगार सहायक ने सर्वे और पोर्टल पर नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को पिछले एक महीने से जानबूझकर लटका रखा था। वह पीड़ित अब्दुल वहाब खान पर लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था, जिससे तंग आकर शिकायतकर्ता ने जबलपुर लोकायुक्त की शरण ली।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जनपद क्षेत्र के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

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