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MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कंट्रोवर्शियल जमीन का पजेशन नहीं दे सकेंगे राजस्व अफसर, तहसीलदार का आदेश लागू करने वाली याचिका खारिज

जबलपुर हाईकोर्ट ने विवादित जमीन का कब्जा दिलाने वाले तहसीलदार के आदेश को लागू करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा हैं कि जमीन के मालिकाना हक के मामलों में सिविल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र राजस्व अधिकारियों से ऊपर है।

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sanjay warude
MP Controversial Land

MP Controversial Land: मध्यप्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट ने कंट्रोवर्शियल जमीनों के पजेशन को लेकर बड़ा फैसला दिया है।

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दरअसल, कोर्ट ने विवादित जमीन का कब्जा दिलाने वाले तहसीलदार के आदेश को लागू करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा हैं कि जमीन के मालिकाना हक के मामलों में सिविल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र राजस्व अधिकारियों से ऊपर है। ऐसे में इन मामलों में राजस्व अफसर जमीन का पजेशन नहीं दे सकते।

आदेश लागू नहीं कर सकता राजस्व अधिकारी

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति के मालिकाना हक (Title) से जुड़ा मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन है, तो राजस्व अधिकारी (Revenue Officers) उस जमीन से संबंधित किसी भी आदेश को प्रभावी या लागू नहीं कर सकते। यह टिप्पणी जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने महेंद्र सिंह और अन्य द्वारा दायर की गई एक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान की।

याचिकाकर्ता की ओर से यह दी गई थी दलील

याचिकाकर्ताओं ने तहसीलदार गोरखपुर के 30 अप्रैल 2016 के उस आदेश का पालन कराने की मांग की थी, जिसमें जबलपुर के मौजा पोलिपाथर (खसरा नंबर 24/2/5) से अतिक्रमण हटाकर उन्हें कब्जा दिलाने का निर्देश दिया गया था। उनका दावा था कि सिविल कोर्ट का स्थगन आदेश (Stay Order) अब हट चुका है और सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में अपील खारिज कर चुका है, इसलिए तहसीलदार के आदेश को तुरंत लागू किया जाए।

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सिविल कोर्ट में पेंडिंग केस में हस्ताक्षेप जरूरी नहीं

कोर्ट की टिप्पणी थी कि जब तक किसी जमीन के स्वामित्व (Ownership) का विवाद सिविल कोर्ट में लंबित है, तब तक राजस्व अमला (Revenue Department) उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। राजस्व अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश ऐसी स्थिति में लागू नहीं किए जा सकते जब टाइटल का फैसला होना बाकी हो।

बेदखली या कब्जा दिलाने जैसे आदेश होल्ड रहेंगे

यदि किसी पक्ष ने टाइटल को चुनौती दी है, तो राजस्व विभाग के बेदखली या कब्जा दिलाने जैसे आदेश होल्ड पर रहेंगे। भूमि के मालिकाना हक के मामलों में सिविल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र राजस्व अधिकारियों से ऊपर है।

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