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MP Associate Professor Bharti: मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग में हुई एसोसिएट प्रोफेसर्स की भर्ती मामले में जबलपुर हाईकोर्ट में मंगलवार, 24 फरवरी को सुनवाई हुई। कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। मामले में कोर्ट ने मप्र सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस भी जारी किया है और 2 हफ्तों में जवाब मांगा है।
नर्सों ने लगाई याचिका, बताया नियम
हाईकोर्ट में ये याचिका निशा चंदेल सहित कई नर्सों की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर्स के पद, ट्यूटर सिस्टर्स के प्रमोशन से भरने का नियम है, लेकिन राज्य सरकार ने इन्हें सीधी भर्ती से भरने का आदेश कर दिया। इसके बाद कर्मचारी चयन मण्डल ने बीते दिनों भर्ती परीक्षा भी करवा ली है, जिसका रिजल्ट जारी करने पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
बाद में विज्ञान से सिस्टर ट्यूटर को हटा दिया
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में भर्ती के लिए दिसंबर 2025 में विज्ञापन जारी किया था, जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर की भर्ती की जानी थी। इसके बाद 25 जनवरी को दूसरा विज्ञापन जारी किया, जिसमें कि सिस्टर ट्यूटर को हटा दिया गया, और सिर्फ एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती निकाली।
सिस्टर ट्यूटर ने हाईकोर्ट के समक्ष रखे ये तर्क
जिसके बाद सिस्टर ट्यूटर की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई और बताया गया कि वे एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए क्ववालीफाई हैं। भर्ती नियम 2024 के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती 100 प्रतिशत तक प्रमोशन से ही होना है, इसलिए सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करना गैरकानूनी है।
हाईकोर्ट ने सरकार और ESB से मांगा जबाव
मामले पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने संज्ञान लिया है। चूंकि एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती की परीक्षा हो चुकी है, ऐसे में कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मण्डल (ESB) से जवाब मांगते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 हफ्तों बाद तय की है।
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