Advertisment

इंदौर दूषित पानी केस में CM का एक्शन: इंदौर के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और PHE SE सस्पेंड, निगम आयुक्त दिलीप यादव को भी हटाया

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्शन लिया है। इंदौर के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री पीएचई संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया है।

author-image
Rahul Garhwal
indore water contamination case cm mohan yadav action Additional Commissioner suspend hindi news

indore water contamination case cm mohan yadav action: इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्शन लिया है। इंदौर के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री पीएचई संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया है। आयुक्त नगर निगम दिलीप यादव को हटाकर मंत्रालय में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं।

Advertisment

पहले पद से हटाए गए थे जिम्मेदार, अब सस्पेंड

2 जनवरी, शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में सख्ती दिखाई थी। उन्होंने एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को पद से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही कलेक्टर को नोटिस दिया था। लेकिन देर शाम सीएम मोहन यादव ने जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।

इंदौर नगर पालिक निगम आयुक्त दिलीप यादव विभाग में पदस्थ

dileep
ट्रांसफर ऑर्डर

सीएम मोहन यादव के निर्देश के अनुसार इंदौर के नगर पालिक निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया है।

Advertisment

सीएम मोहन यादव ने क्या कहा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जन स्वास्थ्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। जन सुविधाओं की उपलब्धता में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी नगर पालिका निगम में साफ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के बारे में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने SOP भी जारी की है।

इंदौर में दूषित पानी से फैला डायरिया, 15 की मौत और सैंकड़ों बीमार

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले डायरिया के प्रकोप ने शहर को झकझोर दिया है। दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुई इस गंभीर स्थिति ने अब तक 15 लोगों की जान ले ली, जिसमें 5 महीने का बच्चा भी शामिल है। 200 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। 8 सालों से देश का सबसे स्वच्छ शहर रहने वाले इंदौर में ऐसी घटना ने प्रशासनिक तैयारी और जल आपूर्ति प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

indore water case
पाइपलाइन का लीकेज चेक करने के लिए खुदाई

सरकारी कार्रवाई में तेजी, लापरवाही पर सीधी सख्ती

राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि पानी की सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और PHE के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित करने के आदेश दिए। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी पद से हटाने के निर्देश जारी किए गए।

Advertisment

मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, बड़े खतरे की चेतावनी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे शहरी जल संरचना में गहरे स्तर की खामियों का संकेत बताया। आयोग की ओर से कहा गया कि यह मामला केवल प्रशासनिक गलती नहीं बल्कि एक गंभीर मानवाधिकार मुद्दा भी है। वैश्विक स्तर पर प्रकाशित शोध, जिसमें द लैंसेट (The Lancet, 2023) की रिपोर्ट भी शामिल है, जो बताती है कि सीवेज लीकेज और खराब सैनिटेशन से दुनिया भर में करीब 1.8 अरब लोग असुरक्षित पानी पर निर्भर हैं। इंदौर की यह घटना भारत में शहरी जल प्रबंधन की बड़ी चुनौती की ओर इशारा करती है।

ये खबर भी पढ़ें: इंदौर में गंदे पानी से 15वीं मौत: NHRC ने मांगी रिपोर्ट, उमा भारती ने कहा-जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती

इलाके में बढ़ती चिंता, अस्पतालों में इलाज जारी

भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में डर और चिंता का माहौल है। कई घरों में पूरे परिवार बीमार  हैं। शहर के अलग-अलग अस्पतालों में डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और डॉक्टर लगातार मरीजों का इलाज करने में जुटे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि पानी में बदबू और गंदगी कई दिनों से महसूस की जा रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई।

Advertisment

indore water contamination case update indore water contamination case cm action indore water contamination case cm mohan yadav action indore water contamination case officer suspend
Advertisment
WhatsApp Icon चैनल से जुड़ें