इंदौर में लापरवाही का शिकार मासूम की मौत: इंट्राकैथ बदलते समय कट गया था अंगूठा, जानें पूरा मामला

इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती डेढ़ महीने के मासूम बच्चे की शनिवार, 17 जनवरी को मौत हो गई। यह वही बच्चा है, जिसका इंट्राकैथ बदलने के दौरान नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से अंगूठा कटकर अलग हो गया था।

Indore MYH Child Death

Indore MYH Child Death: इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती डेढ़ महीने के मासूम बच्चे की शनिवार, 17 जनवरी को मौत हो गई। यह वही बच्चा है, जिसका इंट्राकैथ बदलने के दौरान नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से अंगूठा कटकर अलग हो गया था। बच्चे की मौत के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

नर्स के हाथ से कट गया था मासूम का अंगूठा

जानकारी के अनुसार, बेटमा के बजरंगपुरा गांव निवासी अंजुबाई के डेढ़ महीने के बच्चे को 24 दिसंबर को निमोनिया की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि हाथ में सूजन आने पर नर्सिंग ऑफिसर को बुलाया गया था। इंट्राकैथ के टेप को काटते समय कैंची बच्चे के अंगूठे पर लग गई, जिससे अंगूठा कटकर अलग हो गया और नीचे गिर पड़ा। इसके बाद बच्चे को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां सर्जरी कर अंगूठा जोड़ दिया गया था।

लापरवाह नर्सिंग स्टाफ पर हुई थी कार्रवाई

 मामला सामने आने के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नर्सिंग ऑफिसर आरती श्रोत्रिय को सस्पेंड कर दिया था, जबकि तीन नर्सिंग इंचार्ज का एक-एक महीने का वेतन रोक दिया गया था। इलाज के बाद बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन हाल ही में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिजन बोले- बच्चे को दोबारा निमानिया हो गया था

इलाज के दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई और शनिवार, 17 जनवरी को उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्चे को दोबारा निमोनिया हो गया था, जिसके चलते उसकी जान चली गई। पिता रवि ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर गांव रवाना हो गए। शाम को बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

एचओडी ने कहा- बच्चा जन्म से ही कमजार था

पीडियाट्रिक यूनिट के एचओडी डॉ. निर्भय मेहता के मुताबिक, बच्चा जन्म से ही काफी कमजोर था। जन्म के बाद उसे एक महीने तक न्यू बॉर्न बेबी यूनिट में रखा गया था। डिस्चार्ज होने के कुछ दिन बाद फिर से निमोनिया की शिकायत पर भर्ती किया गया। बाद में सेप्टीसीमिया का संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया, जिसके साथ निमोनिया भी हो गया और इसी कारण उसकी मौत हुई।

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क्या होता है सेप्टीसीमिया ?

सेप्टीसीमिया (Septicemia) गंभीर रक्त संक्रमण होता है, जिसे रक्त विषाक्तता (Blood Poisoning) भी कहते हैं। जब संक्रमित बैक्टीरिया या फंगस जैसे रोगाणु रक्तप्रवाह में प्रवेश कर जाते हैं और पूरे शरीर में फैल जाते हैं, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम (Immune System) अतिसक्रिय होकर  सूजन, ऊतक क्षति और अंग विफलता (Organ Failure) का कारण बन जाता है। इससे कई बार जान भी चली जाती है। इसे तत्काल एंटीबायोटिक उपचार से रोका जा सकता है। 

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