इंदौर दूषित पानी कांड: भागीरथपुरा में 16 मौतों पर जमकर हंगामा, कांग्रेस की जांच समिति को BJP ने रोका, नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बाद तनाव

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। शुक्रवार को कांग्रेस जांच समिति के दौरे के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, जिससे झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर नेताओं को हटाया।

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indore water contamination case: मध्यप्रदेश के इंदौर में जहरीले पानी ने अब तक 16 लोगों की जान ले ली है, लेकिन इस मानवीय त्रासदी पर अब राजनीति चरम पर है। शुक्रवार को भागीरथपुरा उस समय भारी हंगामा हो गया जब कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय जांच समिति पीड़ितों से मिलने पहुंची। बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। साथ ही जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान स्थानीय रहवासियों ने कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाए। इतना ही नहीं बढ़ते हंगामे के बीच चूड़ियां फेंकी गईं। इसी दौरान किसी ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की तरफ चप्पल भी फेंकी। हंगामा बढ़ने पर पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

भागीरथपुरा कांड- बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मौतों के बाद घर-घर में मातम है, दूसरी तरफ मामले में जमकर सियासत हो रही है, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सड़क पर जंग छिड़ी है। शुक्रवार को कांग्रेस की जांच समिति, जिसमें पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार और प्रताप गरेवाल शामिल थे, पीड़ितों के परिजनों से मिलने पहुंची थी।

भागीरथपुरा में प्रदर्शन और नारेबाजी

भागीरथपुरा में जैसे ही कांग्रेस नेता इलाके में दाखिल हुए, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'बाहरी लोग वापस जाओ' के नारों के साथ उनका रास्ता रोक लिया। जवाब में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेसियों ने 'घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगाए हैं। देखते ही देखते कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने स्थिति को संभाला, इस दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस से भी धक्कामुक्की की गई है।

एडिशनल सीपी ने मोर्चा संभाला

पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को मौके से खदेड़कर स्थिति संभाली है। साथ ही स्थिति हाथ से निकलते देख पुलिस ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई नेताओं को जबरन खींचकर मौके से बाहर निकाला। अधिकारियों ने दोनों पार्टियों के नेताओं को समझाइश दी है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए एक्स्ट्रा पुलिस फोर्स बुलाई गई है। एडिशनल सीपी अमित सिंह समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई उठाए सवाल 

महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी ने मामले में सरकार को घेरते हुए कहा— "हम उन परिवारों का दर्द बांटने जा रहे हैं जिन्होंने अपने अपनों को खोया है, लेकिन बीजेपी के लोग हमें रोक रहे हैं। क्या पीड़ितों से मिलना गुनाह है? पुलिस और प्रशासन निष्पक्ष होने के बजाय सत्ता पक्ष के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। हम डरने वाले नहीं हैं, पीड़ितों के हक की लड़ाई और हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

विपक्ष की आवाज दबाना बीजेपी का चरित्र

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इंदौर में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है। बीजेपी का असली और डरावना चेहरा आज सबके सामने आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलते हुए यहां भी विपक्ष की आवाज को कुचला जा रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस जनता की सेवा करने के बजाय बीजेपी कार्यकर्ताओं को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है।

क्या इंदौर में राष्ट्रपति शासन है?

विधायक महेश परमार ने नाराजगी जताते हुए पूछा "क्या मध्यप्रदेश में लोकतंत्र खत्म हो चुका है? जिस तरह हमें पीड़ितों से मिलने से रोका गया, उसे देखकर लगता है कि जैसे यहां राष्ट्रपति शासन लगा हो। बीजेपी का तानाशाही रवैया उजागर हो चुका है, हम जानना चाहते हैं कि आखिर प्रशासन को हमसे डर किस बात का है?"

शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे की चेतावनी

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा— "हम पीड़ितों के आंसू पोंछने आए थे, लेकिन पुलिस निष्पक्ष रहने के बजाय बीजेपी नेताओं के एजेंट के रूप में काम कर रही है। बीजेपी का यह काला चेहरा जनता देख रही है। आज हमें बलपूर्वक रोका गया है, लेकिन अगली बार हम 10 हजार कार्यकर्ताओं के साथ भागीरथपुरा में घुसेंगे। तब देखेंगे कि प्रशासन में हमें रोकने का कितना दम है।"

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मौतों के आंकड़ों पर 'सफेद झूठ'?

एक तरफ अस्पतालों और परिजनों के आंकड़ों के अनुसार मृतकों की संख्या 16 हो गई है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में चौंकाने वाली 39 पेज की स्टेटस रिपोर्ट पेश की। सरकार ने कोर्ट को बताया कि दूषित पानी से केवल 4 मौतें हुई हैं। शासन की इस रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि परिजनों का दावा है कि 15 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

क्षितिज सिंघल इंदौर के नए निगम कमिश्नर

इधर, मुख्यमंत्री के निर्देश पर इंदौर नगर निगम में बड़ी कार्रवाई की गई है। नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर क्षितिज सिंघल को इंदौर का नया निगमायुक्त नियुक्त किया गया है। साथ ही, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके स्थान पर आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक के रूप में तीन नए IAS अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

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