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Indore Chinese Manjha Death:इंदौर में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण 16 साल के किशोर की मौत हो गई। हादसा रविवार, 30 नवंबर को तेजाजी नगर बायपास पर हुआ। घायल छात्र को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को एमवाय अस्पताल भेजकर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
यहां बता दें, दो दिन पहले ही कलेक्टर शिवम वर्मा ने चायनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाया है। उसके बाद से यह पहली घटना है जब किशोर इस मांझे की चपेट में आकर जान गंवा चुका है।
कैसे हुआ हादसा ?
जानकारी के अनुसार, गुलशन अपने भाई अरुण और दोस्तों विशाल और कृष्णा के साथ बाइक से रालामंडल घूमकर लौट रहा था। इसी दौरान तेजाजी नगर बायपास पर अचानक उड़ती पतंग का मांझा बाइक की दिशा में आया।
मांझा गुलशन की गर्दन में तेजी से फंस गया। जिससे तेज धार वाले चाइनीज मांझे ने उसकी गर्दन पर गहरा घाव कर दिया। तेजी से खून बहने लगा। दोस्तों ने उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान ओमेक्स सिटी निवासी 16 वर्षीय गुलशन पुत्र रामकिशन के रूप में हुई है।
दोस्तों के हाथों में भी चोट
हादसे दौरान गुलशन के साथ बाइक पर बैठे अरुण, विशाल और कृष्णा ने भी डोर पकड़ने की कोशिश की। इससे उनके भी हाथों में चोट आई। हालांकि, गुलशन की चोट गंभीर थी। अत्यधिक खून बहने के कारण उसने अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया। गुलशन मूलतः ठीकरी अशोक नगर का रहने वाला था। पिता रामकिशन मजदूरी करते हैं। परिवार में माता और भाई अरुण हैं। गुलशन 8वीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की मदद के लिए छोटा-मोटा काम भी करता था।
25 नवंबर को चाइनीज मांझे पर लगाया था प्रतिबंध
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने 25 नवंबर को चाइनीज मांझे पर बैन लगाया था। उन्होंने कहा था कि चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से हादसे होने का खतरा बना रहता है। मांझे से चोट लगने और कटने के कई मामले भी सामने आए हैं। इसके अलावा, ये जानवरों और पक्षियों के लिए भी खतरनाक होता है। ये एक गंभीर मुद्दा है। इसलिए इसे बैन किया गया है। इसे बेचना और स्टोर करना भी मना कर दिया गया है। अगर कोई इसका उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कैसे बनता है चाइनीज मांझा ?
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बाजार में पतंग उड़ाने के लिए दो तरह के मांझे बिकते हैं।
एक मांझा, धागे पर अरारोट की कोटिंग करके तैयार किया जाता है।
मांझे में कांच के महीन चूरे का इस्तेमाल किया जाता है।
दूसरे तरह की चायना डोर या चाइनीज मांझे को मैटेलिक पाउडर से तैयार किया जाता है।
इसमें कांच और लोहे के महीन चूरे लगाए जाते हैं।
नायलोन का होने की वजह से यह स्ट्रेचेबल होता है।
इस वजह से यह आसानी से नहीं टूटता है।
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