Mandsaur Joint Collector FIR: मंदसौर ज्वाइंट कलेक्टर पर दहेज प्रताड़ना का केस, पत्नी बोली- पीटा, अबॉर्शन कराया

मध्यप्रदेश के इंदौर में मंदसौर में पदस्थ ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान पर दहेज प्रताड़ना मामले में FIR हुई है। यह एफआईआर उनकी पत्नी निर्मला चौहान (32) की शिकायत पर महिला थाना इंदौर में दर्ज किया गया है।

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Mandsaur Joint Collector FIR

Mandsaur Joint Collector FIR: मध्यप्रदेश के इंदौर में मंदसौर में पदस्थ ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान पर दहेज प्रताड़ना मामले में FIR हुई है। यह एफआईआर उनकी पत्नी निर्मला चौहान (32) की शिकायत पर महिला थाना इंदौर में दर्ज किया गया है।

ज्वाइंट कलेक्टर राहुल चौहान पर आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज की मांग को लेकर शारीरिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और राजनीतिक-प्रशासनिक प्रभाव के कारण वर्षों तक शिकायत दर्ज नहीं की गई।

सूत्र बताते हैं, महिला थाना पुलिस ने 27 नवंबर को एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन इसमें केवल पति का नाम शामिल है। कहीं भी उनकी पदस्थापना ज्वाइंट कलेक्टर का उल्लेख नहीं किया गया। एफआईआर की जानकारी 28 नवंबर को सामने आई।

इंदौर महिला थाने में FIR

पलासिया निवासी निर्मला चौहान (32) की रिपोर्ट पर महिला थाना पुलिस ने 27 नवंबर को राहुल चौहान के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961-1, 4, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 115(2), 296 (b) और 85 के तहत केस दर्ज किया था। जिसकी जानकारी 28 नवंबर को सामने आई है।

शादी के अगले ही दिन पति ने की मारपीट

महिला निर्मला चौहान ने FIR में बताया कि मेरी शादी 16 दिसंबर 2018 को हुई थी। तब राहुल चौहान ट्रेनी डिप्टी कलेक्टर थे। परिवारवालों की मर्जी से शादी हुई थी। मेरी मां ने अपनी हैसियत अनुसार गृहस्थी का सारा सामान दिया था।

शादी के अगले रोज से ही प्रताड़ित किया

निर्मला ने आरोप लगाया कि शादी के अगले दिन से ही मेरे पति मुझे कम दहेज  मिलने की बात पर प्रताड़ित कर गालियां देते हुए मारपीट करने लगे। कुछ दिन बाद मेरी मां ने जमीन रजिस्ट्री के लिए 50 हजार रुपए मेरे ससुर को दिए थे। इसके बाद मैं मेरे पति के साथ खरगोन में रहने लगी।

2019 में भी पति मुझे छोड़कर चले गए

रिपोर्ट में निर्मला ने बताया कि जून 2019 को मेरे पति UPSC की तैयारी करने दिल्ली मुझे साथ लेकर गए। मैं भी PSC की तैयारी कर रही थी। वहां भी पति ने मेरे साथ मारपीट की। फिर 31 जुलाई 2019 को पति मुझे  मायके छोड़कर चले गए और तलाक देने की धमकी दी। फिर कई महीने मुझे लेने नहीं आए।

दहेज मांगा... मोबाइल तोड़ा, घर से निकाला

पीड़िता निर्मला ने पति पर दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और दूसरी महिला से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, सितंबर 2019 में जब उसके पति किसी काम से इंदौर आए थे, तब वह उनके साथ खरगोन उनके घर रहने चली गई थी।

21 सितंबर 2019 को पति ने यह कहते हुए उसका मोबाइल तोड़ दिया कि उसकी मां ने दहेज में लाखों रुपए नहीं दिए हैं। इसके बाद पति ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसके हाथ में चोट आई और उसे घर से निकाल दिया गया।

निर्मला के अनुसार, इसके बाद मैंने खरगोन थाने में शिकायत दर्ज कराई और मां के साथ इंदौर लौट आई। दो-तीन बार परामर्श केंद्र, खरगोन में समझौते का प्रयास किया, लेकिन पति ने मुझे रखने से इनकार कर दिया।

indore women Thana
इसी महिला थाने में ज्वाइंट कलेक्टर के खिलाफ FIR हुई है।

प्रेग्नेंसी के दौरान भी प्रताड़ित किया, मिसकैरेज हुआ

महिला का आरोप है कि 2020 में प्रेग्नेंसी के दौरान भी पति ने उसे प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसका मिसकैरेज हो गया। उसका इलाज बॉम्बे अस्पताल, इंदौर में चला। इसके बाद वह मां के साथ मायके में रहने लगी। कुछ समय बाद जब वह पति के पास धार गई, तो उसे पता चला कि उसका पति किसी अन्य महिला के साथ रह रहा है। पीड़ित का कहना है कि पति जहां-जहां पदस्थ रहा, वहां-वहां उसने उसके साथ उत्पीड़न किया।

तलाक के लिए लगातार दबाव

पीड़िता के अनुसार, सरदारपुर में सरकारी आवास में रहने के दौरान पति लगातार तलाक के लिए दबाव बनाता रहा। 17 जुलाई 2022 को पारिवारिक बैठक भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला और पति घर छोड़कर चला गया। कुछ दिन वह वहां अकेली रही, फिर अपनी मां के पास इंदौर आ गई। तब से वह मायके में रह रही है। 

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव के आरोप

पीड़िता के अधिवक्ता प्रवीण कचोले का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाने में उन्हें कई स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रभाव है। 

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अफसर बोले- सारे आरोप निराधार, कोर्ट से मिलेगा न्याय

मामले में राहुल चौहान ने सारे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मेरा साढ़े तीन साल से तलाक का केस चल रहा है, यह मैंने खुद ने ही लगाया है। अबॉर्शन करवाने की बात झूठी है, आप बॉम्बे हॉस्पिटल के सारे दस्तावेज प्राप्त कर सत्यता पता कर सकते हैं। यहां इलाज का पूरा खर्च मैंने खुद ने उठाया, जिस पर करीब 15लाख रु. खर्च हुए।

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