तीन महीने से बंद सैलरी, बढ़ती परेशानियां: आउटसोर्स कर्मचारियों का हाल बे हाल

दतिया मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद सिर्फ मिल रहे हैं आश्वासन।

datiya medical
Datia Medical College Salary Crisis: मध्यप्रदेश के दतिया मेडिकल कॉलेज से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मेडिकल कॉलेज में पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारियों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले करीब तीन महीनों से सैलरी नहीं मिला है। लगातार सैलरी न मिलने के कारण उनके सामने घर का खर्च, बच्चों की फीस और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

medical college e

यह भी पढ़ें:Aaj ka Rashifal 11 January 2026: मेष के लिए लकी रहेगा दिन, वृष वाले रहें सतर्क, मिथुन-कर्क दैनिक राशिफल

प्रशासन और अधिकारियों के चक्कर

आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है की वह लगातार कभी प्रक्षाशन के चक्कर काट रहीं तो काबी मेडिकल कॉलेज वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

कलेक्टर ने दिया था तीन दिन का समय

कुछ दिन पहले आउटसोर्स कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े से मिले थे। कलेक्टर ने उन्हें तीन दिन के भीतर समस्या सुलझाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन 10 जनवरी 2026 तक भी कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं मिला।

यह भी पढ़ें: बिलासपुर GGU में साहित्यकार का अपमान: कुलपति को हटाने की मांग, सड़क पर उतरे लेखक-कथाकार, आंदोलन की चेतावनी

परिवार चलाना हो रहा मुश्किल

कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस भरना, किराया देना और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारियों के पास अब उधार लेकर गुजारा करने की नौबत आ गई है।

बजट का बहाना या लापरवाही

कर्मचारियों के मुताबिक कभी बजट का बहाना बनाया जाता है तो कभी फाइल अटकने की बात कही जाती है। मेडिकल कॉलेज के अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं, जबकि कर्मचारी लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

मानसिक और आर्थिक दबाव

सैलरी न मिलने से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। कई कर्मचारी अपने परिवार की जरूरतें पूरी न कर पाने के कारण तनाव में हैं। उनका कहना है कि मेहनत से काम करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा।

यह भी पढ़ें: भोपाल कॉलेज छात्रा की हत्या: तीन दिन पहले छत से गिरी थी छात्रा ! अस्पताल में छोड़ भागे युवक को पुलिस ने आरोपी बनाया

सवालों के घेरे में व्यवस्था

यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। जब स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलेगा, तो उनकी कार्यक्षमता और मनोबल कैसे बना रहेगा, यह एक बड़ा सवाल है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article