दतिया पीतांबरा पीठ विवाद: जिला प्रशासन की कमेटी के गठन पर मंदिर ट्रस्ट की नाराजगी, कलेक्टर बोले-हम दखलअंदाजी नहीं कर रहे

दतिया पीतांबरा पीठ विवाद: दुनिया भर में प्रसिद्ध मप्र दतिया के पीतांबरा शक्तिपीठ को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. दरअसल, दतिया जिला प्रशासन पर आरोप है कि वह पीतांबरा पीठ पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.

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दतिया पीतांबरा पीठ विवाद: दतिया पीतांबरा पीठ को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. बता दें कि मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित पीताम्बरा पीठ में प्रमुख रूप से मां बगलामुखी और माता धूमावती की पूजा होती है. मान्यता है कि दतिया के प्रसिद्ध पीतांबरा शक्ति पीठ में माता सती के बाएं घुटने का एक हिस्सा गिरा था, जिसके कारण यह स्थान एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है. 

दरअसल, पिछले साल नवंबर में पीतांबरा पीठ के निर्माणाधीन क्षेत्र में मेहराब गिरने की घटना हुई थी. निर्माण कार्य के दौरान नवनिर्मित मुख्य द्वार का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया था, जिसमें 12 में से 8 पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे. हालांकि, इस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी. 

क्या है विवाद का कारण

दुनिया भर में प्रसिद्ध दतिया के पीतांबरा शक्तिपीठ को लेकर एक बड़ा विवाद उजागर हुआ है. दरअसल, दतिया जिला प्रशासन पर आरोप है कि वह पीतांबरा पीठ पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. इस विवाद के कारण मध्य प्रदेश में नई बहस शुरू हो गई है. दतिया कलेक्टर ने जांच के लिए जो कमिटी बनाई थी उसी को लेकर विवाद ज्यादा बढ़ गया है.

प्रशासन द्वारा जारी किए गए दस्तावेज में ये बताया गया है कि पीतंबरा पीठ की व्यवस्था, सुरक्षा एवं भीण नियंत्रण के लिए सहयोग एवं पर्यवक्षण समिति का गठन किया गया है और कमिटी का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था को सुरक्षित व पारदर्शी बनाना है. इस कमिटी के बनने के बाद मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट ने नाराजगी जाहिर की है और प्रशासन को कोर्ट तक जाने की धमकी दी है. 

वहीं, इस पूरे मामले पर दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े का कहना है कि हम मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट के काम में दखलअंदाजी नहीं कर रहे हैं बल्कि कमिटी बनाने का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना है. इसके अलावा हमने मंदिर ट्रस्ट को ये भी कहा था कि इस कमिटी में मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट के लोग भी जुड़ सकते हैं. 

अब सवाल ये है कि अगर प्रशासन का कमेटी बनाने का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाना है तो पहले मंदिर ट्रस्ट से सलाह क्यों नहीं ली गई. इसी बात को लेकर दतिया प्रशासन और पीतांबरा मंदिर ट्रस्ट के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है. 

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