/bansal-news/media/media_files/2026/01/22/narmadapuram-women-and-child-development-department-assistant-director-sanjay-jain-fir-harassment-case-hindi-news-2026-01-22-22-45-30.jpg)
Narmadapuram WCD Assistant Director Woman Colleague Molestation Case: मध्यप्रदेश में जिस विभाग की जिम्मेदारी महिलाओं की सुरक्षा और विकास की है, उसी विभाग के गलियारों से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नर्मदापुरम में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक संजय जैन पर विभाग की एक महिला कर्मचारी ने शारीरिक छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही पीड़िता का आरोप है कि वह 3 महीने से प्रताड़ना सह रही थी, विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी मिली। वहीं आरोपी अधिकारी का दावा है कि काम में लापरवाही पर नोटिस देने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है। अब मामले में पुलिस ने सहायक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सहायक संचालक पर छेड़छाड़ का आरोप
नर्मदापुरम जिले में सरकारी दफ्तर के भीतर महिला सुरक्षा के दावों की पोल खुल गई है। विभाग में कार्यरत 42 वर्षीय एक महिला ने सहायक संचालक संजय जैन पर आरोप लगाया है कि जब से उन्होंने पद संभाला है, वे लगातार उसे बुरी नीयत से घूरते हैं और मौका पाकर शारीरिक रूप से टच करते हैं। महिला का कहना है कि विरोध करने पर उसे नौकरी से निकालने और करियर बर्बाद करने की धमकी दी जाती थी।
पीड़िता बोली- छत पर की गंदी हरकत
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि अधिकारी की प्रताड़ना केवल केबिन तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने ऑफिस की छत पर भी उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब महिला के निजी समय और वॉशरूम जाने तक पर भद्दी टिप्पणियां की जाने लगीं।
छेड़छाड़ और मुंह दबाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 को लंच के समय जब वह ऑफिस की छत पर थी, तब संजय जैन वहां पहुंचे और पीछे से उसे दबोच लिया। जब महिला ने शोर मचाने की कोशिश की, तो अधिकारी ने उसका मुंह दबा दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि अधिकारी उससे वॉशरूम जाने के समय को लेकर सवाल करते थे। प्रताड़ना का स्तर इतना गिर गया कि महिला को अपनी मासिक धर्म (Periods) जैसी निजी स्थिति का हवाला देना पड़ा, इसके बावजूद अधिकारी का व्यवहार नहीं बदला।
पीड़िता ने सुनाई 3 महीने की प्रताड़ना की दास्तां
पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह पिछले तीन महीनों से इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को खामोशी से सह रही थी। जब पानी सिर से ऊपर गुजर गया, तो उन्होंने न्याय की उम्मीद में 12 जनवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) ललित डहेरिया को लिखित शिकायत सौंपी। आरोप है कि विभागीय प्रमुख ने महिला की गरिमा से जुड़ी इस गंभीर शिकायत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विभाग के भीतर सुनवाई न होने से आहत पीड़िता ने हार नहीं मानी और गुरुवार को सीधे महिला थाने का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने सहायक संचालक संजय जैन की करतूतों को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
महिला थाना प्रभारी हेमलता मिश्रा ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल सभी आरोपों की गहराई से जांच कर रही है और सबूतों के आधार पर जल्द ही आरोपी अधिकारी के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी का पक्ष - झूठे हैं आरोप
दूसरी ओर, सहायक संचालक संजय जैन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला अक्सर काम से गायब रहती है, जिसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जैन का दावा है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए महिला ने उन पर झूठे आरोप मढ़े हैं।
Narmadapuram Woman Colleague Molestation Case, Narmadapuram news, WCD Assistant Director Sanjay Jain, Women Harassment at Workplace, FIR against Government Officer, SC ST Act Case Narmadapuram, MP Women and Child Development Department, Office Molestation Case, Narmadapuram Police
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us