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मध्यप्रदेश में लोकपथ एप 2.0 लॉन्च: सरकार का नया एप बचाएगा सड़क हादसों से जान, एक्सीडेंट जोन में मिलेगा ऑडियो अलर्ट, जानें इसके फीचर्स

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को 'लोकपथ एप-2' का लोकार्पण किया। PWD का यह एप गूगल मैप्स को टक्कर देगा। इसकी बड़ी खासियत खतरनाक मोड़ या एक्सीडेंट जोन पर मिलने वाला ऑडियो अलर्ट है।

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Vikram Jain
MP Govt Road Safety Lokpath App

MP Govt Road Safety App Lokpath App 2.0: मध्य प्रदेश की सड़कों पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। सड़क यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (PWD) आज अपना महत्वाकांक्षी मोबाइल एप 'लोकपथ एप-2' (Lokpath 2.0) लॉन्च किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस डिजिटल प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया।

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यह एप न केवल यात्रियों को रास्ता दिखाएगा, बल्कि उन्हें आने वाले संभावित खतरों से भी अलर्ट करेगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया गया यह नया वर्जन सड़क सुरक्षा और सुविधा के लिए तैयार है। इसकी सबसे बड़ी खासियत एक्सीडेंट प्रोन एरिया (ब्लैक स्पॉट) पर मिलने वाला ऑडियो अलर्ट है। इसके अलावा, एप के जरिए नागरिक खराब सड़कों की शिकायत कर सकेंगे, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

सीएम ने किया लोकपथ 2.0 का लोकार्पण

मध्यप्रदेश में सड़क यात्रा को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की दिशा में मोहन सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 'लोकपथ एप-2.0' का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहें। यह एप पिछले साल जुलाई में लॉन्च किए गए पहले वर्जन का एडवांस रूप है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल-टाइम डेटा के जरिए काम करेगा।

MP Govt Road Safety App Lokpath App

एप बताएगा कहां हो सकता है एक्सीडेंट

लोकपथ 2.0 की सबसे बड़ी खूबी इसका 'एडवांस सेफ्टी अलर्ट' सिस्टम है। सफर के दौरान जैसे ही चालक किसी एक्सीडेंट प्रोन एरिया या 'ब्लैक स्पॉट' के करीब पहुंचेगा, एप उसे 'ऑडियो अलर्ट' के जरिए चेतावनी देगा। गाड़ी चलाते समय यह एप बताएगा कहां एक्सीडेंट हो सकता है और कहां खतरा है। इससे चालक पहले ही सतर्क हो जाएगा और गति धीमी कर सकेगा, जिससे हादसों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
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विभाग ने प्रदेश के 142 हाईवे पर करीब 450 से ज्यादा खतरनाक दुर्घटना क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की मैपिंग की है। जैसे ही आपका वाहन किसी ब्लैक स्पॉट से 1 किलोमीटर पहले पहुँचेगा, एप ऑडियो के जरिए आपको सतर्क कर देगा। यही नहीं, 200 मीटर की दूरी पर एप दोबारा चेतावनी देगा ताकि आप गति धीमी कर सकें। खास बात यह है कि यह सुरक्षा फीचर फिलहाल गूगल मैप्स में भी नहीं है।

यात्रियों के लिए कंप्लीट डिजिटल गाइड

यह एप केवल रास्ता ही नहीं बताएगा, बल्कि सफर के दौरान आपका डिजिटल साथी भी बनेगा। इसमें प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल, पर्यटन केंद्र, पेट्रोल पंप, अस्पताल और नजदीकी पुलिस थानों का पूरा डेटाबेस उपलब्ध होगा। साथ ही इसमें टोल प्लाजा के साथ-साथ टोल दरों की सटीक जानकारी मिलेगी।
यह एप सड़कों की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी देगा। इसके जरिए यात्री अपना रूट प्लान पहले से बेहतर तरीके से तैयार कर पाएंगे। आपातकाल के लिए इसमें एंबुलेंस और 911 पर सीधे कॉल करने की सुविधा है। अगर कोई हादसा होता है, तो एप तुरंत बताएगा कि सबसे पास कौन सा अस्पताल है और वहां पहुँचने का सबसे सुरक्षित रास्ता क्या है।
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Bhopal Lokpath 2.0 App CM Mohan Yadav 1
रविंद्र भवन में 'कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क' का विमोचन करते सीएम डॉ. मोहन यादव।

कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को रविंद्र भवन में लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित किया। साथ ही लोक निर्माण विभाग के नवाचारों और 'कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क' का विमोचन किया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के 1,500 से अधिक इंजीनियर शामिल हुए। सरकार का लक्ष्य नई तकनीकों और 'हाइब्रिड एन्युटी मॉडल' (HAM) की ट्रेनिंग के जरिए प्रदेश की सड़कों को विश्वस्तरीय बनाना और बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी को और बेहतर करना है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंजीनियरों की राज्य स्तरीय वर्कशॉप को संबोधित करते हुए।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अब अधिकारियों की बढ़ेगी जवाबदेही

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह की पहल पर तैयार 'लोकपथ एप' का अब एडवांस वर्जन (2.0) आ रहा है। पहले वर्जन में सड़कों के गड्ढों की शिकायत और समय सीमा में सुधार की सुविधा थी, जिसे अब और बेहतर बनाया गया है।

एप का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है। यदि किसी मार्ग पर गड्ढे या क्षति है, तो नागरिक उसकी फोटो खींचकर एप पर अपलोड कर सकते हैं। यह शिकायत सीधे संबंधित इंजीनियर के पास पहुंचेगी, जिसे 4 दिनों के भीतर ठीक करना अनिवार्य होगा। आसान सरकार का मानना है कि 'लोकपथ 2.0' से न केवल अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि सड़कों की मरम्मत भी समय पर होगी। अच्छी सड़कों से यात्रा का समय बचेगा और वाहनों के रखरखाव का खर्च भी कम होगा।

शिकायतों के समाधान से 'स्मार्ट असिस्टेंट' तक का सफर

 2 जुलाई 2024 को लॉन्च हुए लोकपथ एप का पहला वर्जन मुख्य रूप से सड़कों की मरम्मत पर केंद्रित था। इसमें नागरिक खराब सड़क या गड्ढों की फोटो अपलोड करते थे, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुँचती थी। विभाग के लिए 4 दिन के भीतर सड़क सुधारना अनिवार्य था, जिसकी पुष्टि 'काम के बाद' की फोटो अपलोड करके की जाती है। इस सिस्टम में शिकायतकर्ता रियल-टाइम स्टेटस भी चेक कर सकता है।

लोकपथ 2.0: जहाँ पहला वर्जन केवल शिकायतों के लिए था, वहीं लोकपथ 2.0 अब एक व्यापक 'ट्रेवल असिस्टेंट' बन गया है। इसमें नेविगेशन और सुरक्षा फीचर्स को जोड़ा गया है। वर्तमान में इसमें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला मार्गों सहित प्रदेश की सभी प्रमुख सड़कों का डेटा शामिल है। अब यह एप न केवल सड़कें सुधरवाएगा, बल्कि सुरक्षित यात्रा के लिए आपको हर कदम पर गाइड भी करेगा।

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lokpath app 2 Lokpath 2.0 App
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