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MP Kisan Land Registry: मध्यप्रदेश में भू-अधिकार पट्टाधारी किसान अब जमीन के मालिक बनने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार के बड़े फैसले का फायदा करीब 50 लाख किसान परिवारों को मिलेगा। भू-अधिकार पट्टाधारी किसान अब पट्टे की जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे और रजिस्ट्री का पैसा मप्र सरकार देगी।
सीएम मोहन यादव बोले-रजिस्ट्री का पैसा सरकार देगी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के 50 लाख परिवारों को भू-अधिकार के पट्टे दिए हैं। जिन किसानों के पास भू-अधिकार पट्टे हैं, क्योंकि ये किसान कल्याण वर्ष है, इसलिए हमने बड़ा निर्णय लिया है। हम लगभग 3500 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करने वाले हैं। सारे भू-अधिकार के पट्टे पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री का रूप लेंगे। पंजीयन विभाग में जाएंगे तो रजिस्ट्री होगी। रजिस्ट्री का पैसा सरकार ही देगी, किसान को नहीं देना है। जब रजिस्ट्री हो जाएगी, बाद में किसान को लोन लेना हो या प्रॉपर्टी में उपयोग करना हो। इतना बड़ा अधिकार हमने दिया है। ये बहुत बड़ा निर्णय है। ये फैसला लेने वाला देश का पहला राज्य है। गरीब, किसान वर्ग के विकास के लिए बड़ा काम किया है।
मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना (ग्रामीण)
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना उन परिवारों के लिए है जिनके पास रहने के लिए अपना घर या जमीन नहीं है। इसमें सरकार मुफ्त में भू-अधिकार पत्र (पट्टा) देती है।
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किसे मिलता है भू-अधिकार पट्टा
आवेदक के पास रहने के लिए खुद का आवास नहीं होना चाहिए। उसके पास 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन नहीं होना चाहिए। परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और इनकम टैक्स पेयर नहीं होना चाहिए। आवेदक PDS राशन दुकान से राशन के लिए पात्र होना चाहिए।
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