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एमपी इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी 2025: प्रदेश में Fully Developed होंगी कॉलोनियां, जानें नया नियम और सरकार की भूमिका

इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी 2025 के तहत प्रदेश सरकार अब ऐसे बिल्डरों को कॉलोनियों या टाउनशिप की मंजूरी देगी, जो क्षेत्र को पूरी तरह विकसित कर पाने की क्षमता रखते हो।

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sanjay warude
MP Integrated Township Policy 2025

MP Integrated Township Policy 2025: मध्यप्रदेश में टाउनशिप में प्रॉपर्टियां खरीदना अब फायदे का सौदा साबित होने वाला है।

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इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी 2025 के तहत प्रदेश सरकार अब ऐसे बिल्डरों को कॉलोनियों या टाउनशिप की मंजूरी देगी, जो क्षेत्र को पूरी तरह विकसित कर पाने की क्षमता रखते हो। यदि किसी कारण से सुविधाएं उपलब्ध कराने से पीछे हटते है तो प्रदेश सरकार​ बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएगी। एमपी सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिसमें बिल्डरों के लिए यह सख्ती अपनाई जाएगी।

टाउनशिप की कुल लागत की 125% बैंक गारंटी

इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी 2025 के तहत अब बिल्डर को टाउनशिप में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं मुहैया जरूरी हो जाएगा। टाउनशिप की कुल लागत का 125 प्रतिशत गारंटी के तौर पर उन बिल्डरों को जमा करना होगा। ऐसे में यदि बिल्डर काम पूरा नहीं करते हैं तो सरकार वह सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

इन शहरों पर लागू होगी ये पॉलिसी

इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉ​लिसी-2025 प्रदेश के सभी जिलों के लिए नहीं है। यह पॉलिसी उन शहरों में लागू होगी, जहां की आबादी 5 लाख से अधिक है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और सागर जैसे शहरों के आउटर में मिनी शहर बसेंगे।

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50% हिस्से में लगाने होंगे छायादार पेड़

- हर शहर में कम से कम 50 एकड़ जमीन पर टाउनशिप विकसित किया जा सकेगा।
- जहां की मुख्य सड़क कम से कम 24 मीटर चौड़ाई बनाई जाएगी।
- यह सड़क पहले से विकसित आवासीय क्षेत्र के मुख्य मार्गों से कनेक्ट होंगी।
- टाउनशिप के 25 प्रतिशत हिस्से में पार्क और हरियाली के लिए रिजर्व रखने होंगे।
- 50% से अधिक हिस्से में छायादार और स्थानीय प्रजाति के पेड़ लगाने होंगे।

नियम में कौनसे डेवलपर्स होंगे पात्र ?

- टाउनशिप डेव्हलप करने के लिए नियमों में डेवलपर्स का कुछ क्राइट एरिया तय किया है।
- जिसमें 5 करोड़ रुपए से कम नेटवर्थ वाले डेवलपर्स शामिल नहीं हो पाएंगे।
- 6 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले डेवलपर्स 10 से 20 हेक्टेयर की टाउनशिप के लिए पात्र होंगे।
- 12 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले डेवलपर्स 20 से 40 हेक्टेयर की टाउनशिप के लिए पात्र होंगे।
- इसके लिए सालाना नेटवर्थ कम से कम 10 करोड़ रुपए होना चाहिए।
- डेवलपर्स को अपना यह टर्नओवर पिछले पांच साल का जोड़कर दिखाना होगा।

9 साल में ऐसे तैयार होंगे टाउनशिप

  • टाउनशिप को तीन चरणों में विकसीत किया जाएगा।
  • मंजूरी मिलने के तीन साल में पहला चरण पूरा करना होगा।
  • हर चरण को पूरा करने में तीन साल का समय लगेगा।
  • ऐसे में एक टाउनशिप लगभग 9 साल में तैयार होगा।
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ऐसे मंजूर होंगे टाउनशिप के प्रोजेक्ट्स

टाउनशिप की मंजूरी के लिए साधिकार समिति बनाई जाएगी। नगरीय विकास व आवास विभाग अधिकारी अध्यक्ष होंगे। जिला स्तर पर कलेक्टर जिम्मेदारी संभालेंगे। जिन्हें डेवलपर्स आवेदन कर सकेंगे। 15 दिन में प्रोजेक्ट्स पर निर्णय लिया जाएगा।

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