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MP सरकार के कैलेंडर पर सियासी बवाल: दिग्विजय सिंह ने पूछा- 'इम्पाला' हिरण भारत में नहीं तो उसकी फोटो क्यों?, BJP ने किया पलटवार

मध्यप्रदेश सरकार का नया सरकारी कैलेंडर विवादों में घिर गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कैलेंडर पर छपी हिरण की तस्वीर को अफ्रीकी 'इम्पाला' बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

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Vikram Jain
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MP Govt Calendar Impala Deer Photo Controversy: मध्यप्रदेश में सरकारी प्रकाशनों को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सरकारी डायरी के बाद अब नए साल के सरकारी कैलेंडर पर छपी एक फोटो ने विवाद खड़ा कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का दावा है कि कैलेंडर पर जिस हिरण की तस्वीर लगाई गई है, वह मध्यप्रदेश क्या, पूरे भारत में भी नहीं पाया जाता। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा से लेकर सोशल मीडिया तक सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने इसे अधिकारियों की लापरवाही और ज्ञान की कमी बताया है, वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति करार दिया है।

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सरकारी कैलेंडर पर छपी फोटो पर विवाद

मध्यप्रदेश सरकार (MP Govt) की ओर से प्रकाशित वर्ष 2026 के सरकारी कैलेंडर ने राज्य की सियासत में नया उबाल ला दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस कैलेंडर के चयन पर कड़ी आपत्ति जताई है। सिंह का आरोप है कि कैलेंडर के पन्नों पर जिस वन्यप्राणी को जगह दी गई है, वह स्वदेशी नहीं बल्कि अफ्रीकी मूल का हिरण 'इम्पाला' (Impala) है।

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर घेरा

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कैलेंडर की फोटो साझा करते हुए सीधे मुख्यमंत्री को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, "मुख्यमंत्री जी! जिस हिरण का चित्र एमपी के कैलेंडर पर लगाया गया है, वह न तो मध्य प्रदेश में पाया जाता है और न ही भारत में। यह इम्पाला है, जो अफ्रीका के जंगलों में मिलता है।" उन्होंने सरकार को भविष्य में चित्रों का चयन सोच-समझकर करने की सलाह दी है।

जयवर्धन सिंह ने पिता का किया समर्थन 

पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने अपने पिता दिग्विजय सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश देश का प्रमुख 'वाइल्डलाइफ स्टेट' है। यहाँ चीते, टाइगर और बारासिंघा जैसे अनमोल वन्यप्राणी हैं, लेकिन सरकार के अधिकारी जमीनी हकीकत से इतने दूर हैं कि उन्हें विदेशी और देसी प्रजातियों का अंतर तक नहीं पता। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत और राजन मंडलोई ने भी इसे हास्यास्पद कार्यशैली और करोड़ों रुपयों की बर्बादी बताया।

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बीजेपी का पलटवार: नकारात्मक है कांग्रेस

कांग्रेस के इन आरोपों पर प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने तीखा पलटवार किया। सारंग ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे छोटी-छोटी चीजों में नुक्स निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पर बुराई की मानसिकता हावी है। उन्हें प्रदेश का विकास नहीं दिखता, सिर्फ फोटो दिखती है।" वहीं, बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इसे दिग्विजय सिंह की 'भ्रम फैलाने की पुरानी आदत' करार दिया।

विपक्ष बोला- सरकार की बड़ी लापरवाही

दिग्विजय सिंह के इस खुलासे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष इसे सरकार की बड़ी लापरवाही बता रहा है, हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस 'विदेशी फोटो' पर क्या जवाब देती है और क्या आगे से सरकारी डायरी-कैलेंडर के प्रकाशन की प्रक्रिया बदली जाएगी।

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