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वंदे भारत में भोपाल TI की दबंगई: सीट पर बैग रखने की बात पर भड़के भदौरिया, स्टेशन पर यात्री को गुंडों से पिटवाया, जान से मारने की दी धमकी

भोपाल के थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदौरिया पर वंदे भारत ट्रेन में एक बैंककर्मी यात्री के साथ बदसलूकी और गुंडे बुलाकर मारपीट करवाने का आरोप लगा है। पूरा विवाद बैग रखने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ था।

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Vikram Jain
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Bhopal Hanumanganj TI Vande Bharat Dispute: अनुशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस जब खुद कानून हाथ में लेने लगे, तो आम जनता कहां जाए? ऐसा ही एक शर्मनाक मामला भोपाल से दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में सामने आया है। भोपाल के हनुमानगंज थाने के प्रभारी (TI) अवधेश सिंह भदौरिया पर आरोप है कि उन्होंने सादे कपड़ों में यात्रा के दौरान एक यात्री से न केवल अभद्रता की, बल्कि अपने पावर का इस्तेमाल कर ग्वालियर स्टेशन पर बाहरी लोगों को बुलाकर उसकी पिटाई भी करवाई। पीड़ित का कहना है कि जीआरपी थाने में उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर जबरन समझौता कराया गया। बैग रखने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

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सीट पर बैग रखने की बात पर विवाद

दरअसल, पूरा घटनाक्रम भोपाल से दिल्ली जा रही वंदे भारत ट्रेन में 16 फरवरी को सामने आया है। भोपाल के अवधपुरी निवासी बैंककर्मी नीतेश त्रिपाठी अपने परिवार के साथ रानी कमलापति स्टेशन से वंदे भारत (कोच सी-9) में सवार हुए थे। उनकी सीट के पास ही भोपाल के हनुमानगंज थाना प्रभारी (TI) अवधेश सिंह भदौरिया की भी सीट थी। जो सिविल ड्रेस में यात्रा कर रहे यात्रा कर रहे थे, यात्री नीतेश ने गलती से अपना बैग भदौरिया की सीट के ऊपर रैक में रख दिया, जिस पर टीआई भड़क गए। यात्री नीतेश ने अपनी गलती मानते हुए माफी भी मांगी, लेकिन टीआई का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इसके बाद जमकर हंगामा किया।

वंदे भारत में टीआई भदौरिया का हंगामा

यात्री के मुताबिक, टीआई भदौरिया ने अपना परिचय देते हुए धमकाना शुरू किया कि "मुरैना का रहने वाला हूं और हनुमानगंज का टीआई हूं, ग्वालियर आने दो फिर बताता हूं मैं क्या चीज हूं।" दहशत तब बढ़ गई जब टीआई ने ट्रेन से ही किसी को फोन कर कहा— "5-6 लड़कों को लेकर स्टेशन पहुंचो, एक को ठोकना है।" डरे हुए यात्री ने रेल मदद ऐप और टीटीई से गुहार लगाई, लेकिन सुरक्षा मिलने से पहले ही ट्रेन ग्वालियर पहुंच गई।

स्टेशन पर यात्री से की मारपीट

जैसे ही ट्रेन ग्वालियर स्टेशन रुकी, वहाँ पहले से मौजूद कुछ युवकों ने टीआई के इशारे पर नीतेश के साथ मारपीट की। जब पीड़ित शिकायत लेकर जीआरपी थाने पहुँचा, तो आरोप है कि वहाँ भी उसे न्याय के बजाय धमकी मिली। पीड़ित का दावा है कि जीआरपी के जवानों ने उसे ही लॉकअप में डालने का डर दिखाया और दबाव बनाकर एक राजीनामा पत्र लिखवा लिया ताकि मामला आगे न बढ़े।

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झूठे केस में फंसाने की दी धमकी

बैंककर्मी नीतेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सिर्फ बैग रखने जैसी छोटी सी बात पर टीआई भड़क गए। नीतेश के मुताबिक, "मैंने अपनी गलती मानकर बार-बार माफी मांगी, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। उन्होंने मुझे झूठे केस में फंसाने और मेरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। उन्होंने खुलेआम कहा कि ग्वालियर आने दो, फिर बताता हूं। जैसे ही ट्रेन स्टेशन रुकी, उन्होंने बाहर से गुंडे बुलाकर मेरी बेरहमी से पिटाई करवाई।

गुंडे नहीं पुलिस बुलाई थी

वहीं, इस मामले में थाना प्रभारी अवधेश भदौरिया का पक्ष अलग है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "सामने वाले लोग अपराधी किस्म के लग रहे थे, जिसके कारण बैग रखने की बात पर विवाद बढ़ा। मैंने किसी गुंडे को नहीं, बल्कि पुलिस को बुलाया था। हम सभी थाने गए थे और वहां आपसी सहमति से समझौता हो गया था। मारपीट के आरोप निराधार हैं।

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