गुना TI को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: ग्वालियर की डबल बेंच ने बरकरार रखा सस्पेंशन, कोर्ट ने कहा-पीड़ितों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं

गुना कोतवाली थाना प्रभारी चंद्रप्रकाश सिंह चौहान को हाई कोर्ट की डबल बेंच से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनके निलंबन और विभागीय जांच के सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। जानें पूरा मामला

guna ti suspension upheld high court double bench investigation negligence hindi news zvj

Guna TI Suspension High Court Decision: मध्यप्रदेश में ग्वालियर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने गुना के कोतवाली थाना प्रभारी (TI) चंद्रप्रकाश सिंह चौहान के सस्पेंशन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच अधिकारियों द्वारा अपराध की जांच में की जाने वाली लापरवाही पीड़ितों के लिए न्याय की राह में बाधा बनती है। अक्टूबर में दर्ज एक FIR में आरोपी को पुलिस संरक्षण देने के आरोपों के बाद कोर्ट ने यह सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने उनके निलंबन (Suspension) और विभागीय जांच के सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। मामला एक आरोपी महिला को गिरफ्तारी के बजाय नोटिस देकर छोड़ने और जांच में लापरवाही से जुड़ा है।

आखिर क्यों बरकरार रहा सस्पेंशन आदेश?

गुना कोतवाली थाने में तैनात रहे टीआई चंद्रप्रकाश सिंह चौहान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने माना कि सिंगल बेंच द्वारा दिया गया निलंबन और विभागीय जांच का आदेश पूरी तरह संवैधानिक और सही है। साथ ही डबल बेंच ने सस्पेंशन ऑर्डर के खिलाफ TI की याचिका नामंजूर कर दी। कोर्ट ने माना कि अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न करना लापरवाही है। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों के प्रति संवेदनशील और जांच में गंभीर रहने की हिदायत दी।

क्या था पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत अक्टूबर महीने में दर्ज एक FIR से हुई थी। एक युवती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गई हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी महिला ने जिला अदालत और हाई कोर्ट, दोनों जगह अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, लेकिन दोनों ही जगहों से उसकी अर्जी खारिज हो गई थी।

guna ti suspension

जमानत खारिज होने पर भी नहीं हुई गिरफ्तारी

आरोपी की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद थाना प्रभारी ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। थाना प्रभारी ने आरोपी महिला को महज एक नोटिस देकर छोड़ दिया। हालाँकि नियम सात साल से कम सजा वाले मामलों में नोटिस देने की अनुमति देते हैं, लेकिन पीड़ित युवती का आरोप था कि पुलिस ने जानबूझकर आरोपी को संरक्षण दिया और जांच को प्रभावित किया।

ये खबर भी पढ़ें... भोपाल में सरेआम गुंडागर्दी: द लेजी कैफे में जमकर तोड़फोड़, बदमाशों ने युवक से की मारपीट, फोड़ा सिर, अड़ीबाजी का विरोध करने पर पथराव

जांच में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी

निलंबन आदेश के खिलाफ TI की अपील पर डबल बेंच में 9 फरवरी को सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया। डबल बेंच ने सिंगल बेंच के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें TI को सस्पेंड करने और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। 

हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि जांच अधिकारी कानून-व्यवस्था के अन्य कामों में तो रुचि लेते हैं, लेकिन मूल अपराध की जांच में ढिलाई बरतते हैं। इससे पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलना पड़ता है। कोर्ट ने माना कि निष्पक्ष विभागीय जांच के लिए अधिकारी का निलंबन जरूरी है।

ये खबर भी पढ़ें...भोपाल में अग्निकांड: भौंरी के होटल में लगी भीषण आग, पुलिस ने जेसीबी से दीवार तोड़कर बचाई 150 जिंदगियां, धुएं के गुबार के बीच सफल रेस्क्यू

TI को पक्ष रखने का मिलेगा मौका

डबल बेंच ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि इस निलंबन का मतलब यह नहीं है कि अधिकारी को अपना पक्ष रखने का हक नहीं है। विभागीय जांच के दौरान TI चौहान को अपनी बेगुनाही साबित करने के पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे। कोर्ट ने सक्षम प्राधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि साक्ष्यों के आधार पर बिना किसी देरी के निष्पक्ष फैसला लिया जाए।

ये खबर भी पढ़ें... इंदौर कांग्रेस का नया फॉर्मूला: कार्यकारिणी में पार्षद दावेदारों की नो एंट्री, केवल एक्टिव कार्यकर्ताओं को मिलेगा पद, संगठन मजबूती पर फोकस

ये खबर भी पढ़ें... मोटी कमाई का लालच और करोड़ों की ठगी: ग्वालियर में लग्जरी गाड़ियां हड़पने वाला शातिर ठग गिरफ्तार, जानें वाहन मालिकों से कैसे करता था फ्रॉड

 Guna Kotwali TI Chandraprakash ChauhanGuna TI Suspension, gwalior  High Court Guna News, Chandraprakash Singh Chauhan, MP High Court Decision, Police Negligence Case, Guna Kotwali TI Guna news guna police | guna police news  gwalior high court

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article