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एक्शन में CM मोहन यादव: मंत्रालय में अधिकारियों की हाजिरी पर पैनी नजर, वल्लभ भवन से सतपुड़ा तक 'छापेमारी', लापरवाहों की अब खैर नहीं!

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर भोपाल स्थित वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति जांचने के लिए औचक निरीक्षण किया गया।

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Vikram Jain
Bhopal Vallabh Bhawan Surprise Inspection

Bhopal Vallabh Bhawan Surprise Inspection: मध्यप्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अनुशासन लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के भोपाल से बाहर दौरे पर होने के बावजूद, सीएम के निर्देशों पर आज सुबह राजधानी के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में 'छापामार' कार्रवाई की गई। इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर हैं या नहीं।

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सुशासन के लिए सीएम की सख्ती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 'जनहित ही सर्वोपरि' के संकल्प के साथ प्रशासन में कसावट लाने में जुट गए हैं। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार अब प्रशासनिक ढर्रे को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में आने वाली जनता को अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसी कड़ी में गुरुवार, 26 फरवरी को सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय की संयुक्त टीमों ने राजधानी के सभी प्रमुख शासकीय कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री का 'सरप्राइज चेक' और सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव भले ही आज भोपाल से बाहर दौरों पर रहे, लेकिन उनकी नजरें मंत्रालय की गतिविधियों पर टिकी रहीं। सीएम के निर्देश पर सुबह ठीक 10 बजे वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के गेटों और विभागों में जांच टीमें तैनात कर दी गईं। जो कर्मचारी समय पर अपनी कुर्सी पर नहीं मिले, उनके खिलाफ रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

सुबह 10 से शाम 6: ड्यूटी का नया पैमाना

सरकार ने आधिकारिक तौर पर निर्देश जारी किए हैं कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह 10:00 बजे अनिवार्य रूप से कार्यालय पहुंचना होगा। शाम 6:00 बजे तक कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। बीच के समय में अनधिकृत रूप से गायब रहने वाले या बार-बार बाहर जाने वाले कर्मचारियों की ट्रैकिंग की जाएगी।

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इन कार्यालयों पर रही विशेष नजर

जांच का मुख्य केंद्र भोपाल के तीन प्रमुख शक्ति केंद्र रहे:

  • वल्लभ भवन (मंत्रालय): जहाँ से पूरी सरकार के नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।
  • विंध्याचल भवन: प्रमुख विभागाध्यक्षों का कार्यालय।
  • सतपुड़ा भवन: विभिन्न सरकारी विभागों का संचालन केंद्र।

लापरवाहों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

मुख्यमंत्री सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिन की कवायद नहीं है। संकलित की गई जानकारी के आधार पर उन अधिकारियों को चिह्नित किया जाएगा जो अक्सर देरी से आते हैं या ड्यूटी समय में उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में निलंबन या विभागीय जांच जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

CM के निर्देश पर शुरू हुई मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों को राजधानी के विभिन्न विभागों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, जिनका एकमात्र उद्देश्य सरकारी फाइलों की कछुआ चाल को रोकना और जनता के कार्यों में त्वरित गति लाना है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में 'जीरो टॉलरेंस' का संदेश देते हुए कहा है कि जनता के पसीने की कमाई से चलने वाली व्यवस्था में अब सुस्ती की कोई जगह नहीं है।

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जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।

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