भोपाल प्रॉपर्टी गाइडलाइन: राजधानी में 3 हजार से ज्यादा लोकेशन पर रजिस्ट्री रेट में AI से एनालिसिस, अयोध्या बायपास के आसपास नहीं बढ़ेंगी कीमतें

राजधानी भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन रिवाइज करने की प्रोसेज शुरू हो गई है। इस बार जिले की 3 हजार से ज्यादा लोकेशन पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों के दामों का एनालिसिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किया जा रहा है।

Bhopal Property Guideline Upadte (2)

Bhopal Property Guideline Upadte: राजधानी भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन रिवाइज करने की प्रोसेज शुरू हो गई है। इस बार जिले की 3 हजार से ज्यादा लोकेशन पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों के दामों का एनालिसिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किया जा रहा है।

संभावना है कि 2- 4 दिन में यह रिपोर्ट सभी जिलों के वरिष्ठ जिला पंजीयकों तक पहुंच जाएगी। इसके आधार पर प्रॉपर्टी के रेट्स तय होंगे।

ऐसे तय होंगे जमीनों के नए रेट

एआई से तैयार रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि जिले में किन लोकेशन पर कलेक्टर गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर जमीनों की रजिस्ट्रियां हो रही हैं। रिपोर्ट में कुल रजिस्ट्रियों की संख्या के साथ यह भी होगा कि कितनी फीसदी रजिस्ट्री कलेक्टर गाइडलाइन से ऊपर हुई और इसकी क्या वजह है ? रिपोर्ट मिलने के बाद उप पंजीयक फील्ड में पहुंच कर इन आंकड़ों की भौतिक जांच करेंगे। इसके बाद ही नए रेट प्रस्तावित किए जाएंगे।

अयोध्या बायपास के 200 फीट में नहीं बढ़ेंगे रेट

कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर उप मूल्यांकन समिति की पहली बैठक एसडीएम कार्यालय में हुई थी। बैठक में तय किया गया कि अयोध्या बायपास के दोनों ओर 200 फीट के दायरे में आने वाली जमीनों के रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे। क्योंकि इस क्षेत्र की जमीन का सरकार को भविष्य में अधिग्रहण करना है। अगर कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ी, तो सरकार को आम लोगों को दोगुना मुआवजा देना पड़ेगा। इसी आधार पर अयोध्या बायपास के आसपास की जमीनों का रेट ना बढ़ाने का फैसला लिया गया।

भौंरी विवाद से लिया सबक

पिछले साल भौंरी इलाके में कलेक्टर गाइडलाइन 1 करोड़ 50 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 5.60 करोड़ रुपए कर दी गई थी। इसके बाद किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई और मामला जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंचा। बाद में रेट घटाकर 3 करोड़ 60 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर करने पड़े। इस तरह का विवाद दोबारा न हो, इसलिए इस बार AI आधारित डेटा और फील्ड वेरिफिकेशन पर जोर दिया जा रहा है।

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निगम-टीएंडसीपी से मांगी कॉलोनियों की रिपोर्ट

नगर निगम और टीएंडसीपी से रिपोर्ट मांगी गई है कि किन इलाकों में नई वैध कॉलोनियों को मंजूरी दी गई है। इसी के आधार पर कॉलोनियों के नाम और रेट प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन में जोड़े जाएंगे। प्रशासन बीडीए और हाउसिंग बोर्ड से भी जानकारी ले रहा है कि कहां नए प्रोजेक्ट आने वाले हैं और कहां पहले से प्रोजेक्ट लॉन्च चल रहे हैं। इन्हीं इलाकों में जमीनों के रेट बढ़ने की संभावना सबसे ज्यादा होगी।

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