Advertisment

भोपाल: कजलीखेड़ा चौकी को थाने का दर्जा, मिला 52 वर्ग किमी का बड़ा एरिया, कोलार से अलग हुए 40 गांव, दूरी और सीमांकन ने बढ़ाई लोगों की टेंशन

भोपाल की कजलीखेड़ा चौकी अब नया थाना बन गई है। कलेक्टर कार्यालय से जारी अधिसूचना के बाद कोलार थाने के 40 से अधिक गांव और कॉलोनियां कजलीखेड़ा में शामिल हो गई हैं।

author-image
Vikram Jain
bhopal police news kajlikheda new police station kolar demarcation issue hindi news zvj

Bhopal Kajlikheda New Police Station: राजधानी भोपाल के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार कोलार क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा फेरबदल हुआ है। लंबे समय से लंबित कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को अब पूर्ण थाने का दर्जा दे दिया गया है। मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के साथ ही यह प्रभावी हो गया है। लेकिन इस नए थाने के गठन के साथ ही क्षेत्रफल के असंतुलन ने रहवासियों की चिंता बढ़ा दी है। जहाँ कोलार थाना क्षेत्र अब सिमट कर छोटा हो गया है, वहीं कजलीखेड़ा थाने के पास एक विशाल और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र आ गया है। सीमांकन को लेकर रहवासियों की मुश्किलें बढ़ गई है।

Advertisment

असंतुलित सीमांकन ने बढ़ाई टेंशन

भोपाल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कोलार रोड थाने पर बढ़ते अपराध और आबादी के दबाव को कम करने के लिए कजलीखेड़ा थाने को बना दिया है। शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक, कोलार थाने से करीब 40 गांव और मोहल्लों को काटकर कजलीखेड़ा में जोड़ा गया है।

जानकारी के अनुसार नए थाने के बनने से यहां के रहने वालों की मुसीबत कम होने के बजाय बढ़ गई  है। दरअसल, डी-मार्ट के आगे का पूरा इलाका अब कजलीखेड़ा थाने के अंदर आएगा। ऐसे में अगर किसी को पुलिस के पास जाना हो या रिपोर्ट लिखवानी हो, तो उन्हें अपने घर से काफी दूर चलकर नए थाने तक पहुंचना होगा।

कजलीखेड़ा को मिला 52 वर्ग किमी क्षेत्र

बंटवारे से पहले कोलार थाना 72 वर्ग किमी के विशाल क्षेत्र में फैला था, जिसकी सीमाएं सीहोर और रायसेन जिले तक लगती थीं। नए आदेश के बाद कजलीखेड़ा थाने को 52 वर्ग किमी का भारी-भरकम दायरा मिला है, जबकि कोलार थाना अब मात्र 20 वर्ग किमी के दायरे में सिमट गया है। जानकारों का मानना है कि इससे पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम और जनता की पहुंच पर बुरा असर पड़ सकता है।

Advertisment

2 किमी की जगह तय करना होगा 8 किमी का सफर

सीमांकन के दोबारा प्रस्ताव में गेहूंखेड़ा, प्रियंका नगर, फेथकला, बैरागढ़ चीचली और सोहागपुर जैसी कॉलोनियों को कोलार थाने में ही रखने की बात कही गई थी, क्योंकि ये वहां से महज 1-2 किमी दूर हैं। लेकिन अंतिम आदेश में ये सभी कजलीखेड़ा थाने का हिस्सा बन गई हैं। अब इन कॉलोनियों के रहवासियों को थाने जाने के लिए 6 से 8 किमी का लंबा सफर तय करना होगा।

5 लाख आबादी और अपराध का दबाव

पुराने कोलार थाने के आंकड़े बताते हैं कि यहाँ सालाना 900 से अधिक गंभीर (संज्ञेय) और 1500 से अधिक साधारण (असंज्ञेय) अपराध दर्ज होते थे। 5 लाख की आबादी का बोझ अकेले एक थाने पर था। इसी दबाव को बांटने के लिए नया थाना जरूरी था, लेकिन पुलिस अधिकारियों द्वारा दिया गया 'समान सीमांकन' (6-6 किमी का दायरा) का सुझाव दरकिनार कर दिया गया। बंटवारे से पहले कोलार थाना करीब 72 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला था। इसकी सीमाएं भोपाल के साथ सीहोर (बिलकिसगंज) और रायसेन (मंडीदीप) जिले से लगती थीं। 

थानों का नया भौगोलिक ढांचा

  • कजलीखेड़ा थाना: डी-मार्ट चौराहा से गोल जोड़ तक 8 किमी लंबी पट्टी और 40 ग्राम/मोहल्ले। इन्हें आधिकारिक बंदोबस्त नंबर के साथ आवंटित किया गया है।
  • कोलार थाना: अब यह थाना सर्वधर्म पुल से डी-मार्ट चौराहा तक मात्र 3.5 किलोमीटर के मुख्य शहरी क्षेत्र तक सीमित रह गया है।
Advertisment

Bhopal news, Bhopal Police, Kajlikheda New Police Station, Bhopal Police Station, Kajlikheda Police, Kolar Road Bhopal, Mp Police News

bhopal news
Advertisment
चैनल से जुड़ें