भोपाल में ज्योतिष सम्मेलन: आचार्य कौशिक मित्रा बोले- वर्तमान युग की वेव और पार्टिकल थ्योरी ऋषि भारद्वाज के ग्रंथ अंशबोधिनी में पहले से ही लिखी

भोपाल के कैरियर कॉलेज ऑडिटोरियम में वैदिक ऋषि-परंपरा से प्रेरित एक भव्य ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया। देशभर से आए ज्योतिषाचार्य और शोधकर्ता शामिल हुए।

Bhopal Jyotish Sammelan Astrologer Chief Editor of Jeevan Vaibhav magazine Dr Hemchandra Pandey hindi new

Bhopal Jyotish Sammelan: 'ऋषि भारद्वाज के ग्रंथों में स्पेक्ट्रोमीटर जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों का संकेत मिलता है, जो वैदिक ऋषि-दृष्टि की वैज्ञानिक प्रामाणिकता को सिद्ध करता है। किस प्रकार सत्त्व, रज और तम, ये तीनों गुण ग्रहों के ज्योतिषीय तत्त्वों के साथ समन्वित होकर उनके प्रभावों को तार्किक रूप से प्रमाणित करते हैं।' ये बात आचार्य कौशिक मित्रा ने भोपाल के कैरियर कॉलेज में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन के ऋषि भारद्वाज सत्र के दौरान कहीं। आचार्य मित्रा ने वैदिक ग्रंथों और आधुनिक विज्ञान के बीच गहन और तर्कसंगत संबंध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

ऋषि भारद्वाज के प्राचीन ग्रंथ अंशबोधिनी में ये लिखा

आचार्य कौशिक मित्रा ने बताया कि वर्तमान युग की वेव और पार्टिकल थ्योरी का उल्लेख ऋषि भारद्वाज के प्राचीन ग्रंथ 'अंशबोधिनी' में पहले ही निहित है।

सूर्य आत्मा का कारक क्यों ?

आचार्य कौशिक मित्रा ने अपने व्याख्यान में यह भी समझाया कि सूर्य को आत्मा का कारक क्यों माना गया है और पुनर्जन्म की अवधारणा किस प्रकार ऋषि भारद्वाज के कर्मिक सिद्धांत को आधुनिक एस्ट्रो-फिजिक्स के सिद्धांतों से जोड़कर वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है।

तर्क और विज्ञान आधारित ज्ञान परंपरा

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कार्यक्रम का सत्र विशेष रूप से युवाओं और शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा और इसने वैदिक ज्योतिष को केवल आस्था नहीं, बल्कि तर्क और विज्ञान आधारित ज्ञान परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया।

सम्मेलन में हुए 10 सत्र

सम्मेलन पूर्णतः ऋषि-परंपरा को समर्पित रहा, जिसमें कुल 10 सत्र आयोजित किए गए। पहले दिन का प्रमुख आकर्षण ऋषि वशिष्ठ सत्र ब्रह्मज्ञान से ज्योतिष-विज्ञान तक रहा, जिसमें डॉ. हेमचंद्र पांडेय, ऋषि कुमार शुक्ला (पूर्व पुलिस महानिदेशक) शिवशंकर लाल (पूर्व IPS अधिकारी) ने अपने विचार रखे। ऋषि अत्रि सत्र में सात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रह, काल और नियति के वैदिक विज्ञान पर प्रकाश डाला।

सत्रों के वक्ता

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बाएं से आचार्य कौशिक मित्रा, अनुपम शुक्ल (एस्ट्रो सूत्रा), डॉक्टर निशा शर्मा (एस्ट्रोवर्स), श्वेता विजयवर्गीय (अंक शास्त्र)

ऋषि गार्गी सत्र में भोपाल की सात प्रतिष्ठित महिला ज्योतिषाचार्यों विशेष रूप से डॉ. निशा शर्मा ने परिवार की धुरी, समाज की दिशा तथा ज्योतिष के माध्यम से समाज को दिशा देने वाली नारी शक्ति पर प्रभावशाली विचार युवाओं के लिए आयोजित ऋषि भारद्वाज सत्र में आचार्य कौशिक मित्रा ने आधुनिक खगोल विज्ञान को वैदिक दृष्टि से जोड़ा, जबकि श्वेता विजयवर्गीय ने अंकशास्त्र एवं कर्मिक सिग्नेचर पर विचार प्रस्तुत किए।

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ज्योतिष सम्मेलन में मंच पर दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल

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देशभर से आए ज्योतिषाचार्य

ज्योतिष सम्मेलन वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य और जीवन वैभव पत्रिका के मुख्य संपादक डॉ. हेमचंद्र पांडेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें देशभर से आए ज्योतिषाचार्यों, शोधकर्ताओं और लगभग 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन की संकल्पना, विषय-विन्यास और मंचीय संरचना अनुपम शुक्ला और कौशिक मित्रा दोनों ही अनुभवी ज्योतिषाचार्यों ने की।

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