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भोपाल में गोमांस-गंदे पानी को लेकर प्रदर्शन: कांग्रेस ने किया निगम के ISBT दफ्तर का घेराव, मेयर और MIC मेम्बर का रावण रूपी पुतला फूंका

भोपाल में पिछले एक महीने से सुर्खियों में बने गोमांस मिलने और दूषित पानी की सप्लाई के मसले पर सोमवार, 9 फरवरी को कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने ISBT स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और महापौर मालती राय व एमआईसी सदस्यों का पुतला दहन किया।

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BP Shrivastava
Bhopal Congress Protest

Bhopal Congress Protest: भोपाल में पिछले एक महीने से सुर्खियों में बने गोमांस मिलने और दूषित पानी की सप्लाई के मसले पर सोमवार, 9 फरवरी को कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ISBT स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और महापौर मालती राय व एमआईसी सदस्यों का रावण रूपी पुतला दहन किया।

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महापौर का 11 सिर वाला कटआउट लेकर पहुंचे

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कार्यालय परिसर में प्रवेश के लिए पुलिस से धक्का-मुक्की की। कांग्रेसी महापौर का 11 सिर वाला कटआउट हाथ लिए थे। जिसमें 10 अन्य सिर जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बताए गए।

भोपाल में सीवेज मिले पानी की सप्लाई

कांग्रेस नेताओं ने कहा, जिस तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से 33 लोगों की मौत हो चुकी है, उसी तरह भोपाल में भी हालात चिंताजनक हैं। शहर के कई इलाकों में सीवेज और पानी की लाइनें साथ-साथ बिछी हैं, जिसमें लीकेज से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। वहीं वार्ड कार्यालयों में जल सुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

कांग्रेस प्रदर्शन की तस्वीरें...

Bhopal Congress Protest
भोपाल में गोमांस और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर कांग्रेस ने ISBT- नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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 कांग्रेस ने ISBT- नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।

गोमांस मामले में सिर्फ छोटे कर्मियों पर कार्रवाई

कांग्रेस का आरोप है कि कुछ मामलों में नाले के पानी को भी पीने योग्य बताकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हाल ही में एक मीडिया जांच के दौरान वार्ड कर्मचारी द्वारा नाली के पानी को पीने योग्य बताने का मामला भी सामने आया था।

कांग्रेस नेता रविंद्र साहू ने कहा कि राजधानी के कई इलाकों में पानी के चैंबर में सीवेज मिल रहा है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। वहीं, स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मामले में भी केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि जिम्मेदार महापौर और एमआईसी मेम्बर के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस से जुड़ा प्रस्ताव खुद एमआईसी की बैठक में पारित हुआ था।

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क्या है गोमांस का मामला?

 जहांगीराबाद थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने 24 दिसंबर 2025 को एक एफआईआर दर्ज की। इसमें 7 दिन पहले, 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया।

18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्‌द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया।

फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा में हुई सैम्पल जांच में गोमांस (SAMPLE BELONG TO COW OR IT'S PROGENY) होने की पुष्टि हुई। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया। इसी बीच पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए थे।

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