12वीं की छात्रा की चूहामार दवाई से मौत: चूहों की समस्या के चलते मां ने घर के मंदिर में रख दी थी, बेटी भभूत समझकर खा गई

भोपाल के ईटखेड़ी क्षेत्र में एक 12वीं की छात्रा ने भभूत समझकर चूहा मारने की दवाई खा ली, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 14 दिन पहले की घटना है। सोमवार, 9 फरवरी को हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

Bhopal12th Student Death

Bhopal12th Student Death: भोपाल के ईटखेड़ी क्षेत्र में एक 12वीं की छात्रा ने भभूत समझकर चूहा मारने की दवाई खा ली, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 14 दिन पहले की घटना है। सोमवार, 9 फरवरी को हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने घार के मंदिर में पूजा के बाद भभूत समझकर चूहा मारने की दवा खा ली। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ पर परिजन उसे भानपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

घर लौटने के बाद युवती की हालत फिर बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सोमवार, 9 फरवरी को सुबह उसकी मौत हो गई। 26 जनवरी को छात्रा ने गलती से चूहामार दवाई खाई थी।

hamidia hospital
हमीदिया हॉस्पिटल में कई बार इलाज के लिए वैष्णवी का इलाज चला, तीन दिन पहले फिर भर्ती किया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी।

वैष्णवी ने चूहामार दवा को समझा भभूत 

एएसआई एस.के. बाजपेयी ने बताया कि मृतक छात्रा की पहचान वैष्णवी सेन (17), पुत्री मनोज सेन, निवासी लांबाखेड़ा की रहने वाली थी। वह एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। 26 जनवरी को घर में बने मंदिर में पूजा के बाद वैष्णवी की मां ने चूहों की समस्या के कारण चूहा मारने की दवा मंदिर में रख दी थी। कुछ समय बाद वैष्णवी ने वहीं पूजा की और भभूत समझकर पाउडरनुमा चूहामार दवा चाट ली।

जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने घार के मंदिर में पूजा के बाद भभूत समझकर चूहा मारने की दवा खा ली। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ पर परिजन उसे भानपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

घर लौटने के बाद युवती की हालत फिर बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सोमवार, 9 फरवरी को सुबह उसकी मौत हो गई। 26 जनवरी को छात्रा ने गलती से चूहामार दवाई खाई थी।

कोचिंग से लौटने पर बिगड़ी हालत 

इसके बाद वैष्णवी कोचिंग चली गई। लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। पूछने पर छात्रा ने बताया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है, तब मां ने बताया कि वह भभूत नहीं बल्कि चूहा मारने की दवा थी।

 परिजन तत्काल उसे भानपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

इसके बाद वैष्णवी कोचिंग चली गई। लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। पूछने पर छात्रा ने बताया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है, तब मां ने बताया कि वह भभूत नहीं बल्कि चूहा मारने की दवा थी।

 परिजन तत्काल उसे भानपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

हमीदिया में इलाज के दौरान मौत 

कुछ दिनों बाद छात्रा की तबीयत फिर बिगड़ी तो उसे तीन दिन पहले हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।

ये भी पढ़ें:  भोपाल में गोमांस-गंदे पानी को लेकर प्रदर्शन: कांग्रेस ने किया निगम के ISBT दफ्तर का घेराव, मेयर और MIC मेम्बर का रावण रूपी पुतला फूंका

..

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article