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बैतूल में वकीलों का भारी हंगामा: कोतवाली थाने में 2 घंटे तक चला ड्रामा, हड़ताल की चेतावनी के बाद 2 महिलाओं पर दर्ज हुई FIR, जानें पूरा मामला

बैतूल में जमानत पेशी के दौरान वकीलों से गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में भारी हंगामा हुआ। कलमबंद हड़ताल की चेतावनी के बाद पुलिस ने देर रात दो आरोपी महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया।

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Vikram Jain
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Betul Kotwali Advocates Protest: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शुक्रवार शाम वकीलों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक के बाद कोतवाली थाने में घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा। जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने दो महिलाओं पर कोर्ट परिसर में अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की। पुलिस द्वारा शुरुआती देरी किए जाने पर वकीलों ने उग्र तेवर दिखाए और एसपी कार्यालय तक पहुंच गए, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर दोनों महिलाओं पर केस दर्ज किया।

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गाली-गलौज और धमकाने का मामला

बैतूल जिला अधिवक्ता संघ और पुलिस प्रशासन के बीच शुक्रवार रात करीब दो घंटे तक खींचतान चलती रही। विवाद की जड़ 22 जनवरी की एक घटना है, जहाँ अधिवक्ता अंशुल गर्ग और नितिन मिश्रा ने आरोप लगाया कि कोर्ट में जमानत पेशी के दौरान रिया कौशिक और आशा तिवारी नामक दो महिलाओं ने उनके साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उन्हें देख लेने की धमकी भी दी।

अधिवक्ताओं का कहना है कि महिलाओं ने न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप किया और वकीलों के सम्मान को ठेस पहुँचाई। इस मामले में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अशोक वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों वकील कोतवाली थाने पहुँचे और तुरंत एफआईआर की मांग की।

वकीलों की चेतावनी के बाद हुई FIR

थाना प्रभारी नीरज पाल ने शुरुआत में मामले की जांच का हवाला देते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था। इससे नाराज वकील थाने में ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सभी एसपी कार्यालय तक भी पहुंच गए। अधिवक्ता संघ ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो 27 जनवरी से सभी वकील कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दबाव के बीच पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रात साढ़े आठ बजे दोनों महिलाओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की।

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महिलाओं ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, आरोपी महिला रिया कौशिक और आशा तिवारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई अभद्रता नहीं की, बल्कि अधिवक्ता ने ही उनके केस की फाइल को लेकर अनुचित बात कही थी। पुलिस अब कोर्ट परिसर के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी नीरज पाल का कहना है कि आवेदन की जांच में जो तथ्य सामने आए, उसी के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

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