भोपाल में मोबाइल चोरी का इंटरनेशनल कनेक्शन: पाकिस्तान और नेपाल तक फैले तार, एमपी पुलिस सर्विलांस जांच में बड़ा खुलासा

मध्यप्रदेश पुलिस सर्विलांस टीम की हालिया जांच में एक चौंकाने वाला अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन (International Connection) सामने आया है। भोपाल से चोरी होने वाले मोबाइल फोन अब केवल दूसरे राज्यों में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों की सीमाओं को पार कर रहे हैं।

Bhopal Mobile Thief

Bhopal Mobile Thief Pakistan Nepal Connection: मध्यप्रदेश के भोपाल में मोबाइल चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

मध्यप्रदेश पुलिस सर्विलांस टीम की हालिया जांच में एक चौंकाने वाला अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन (International Connection) सामने आया है। भोपाल से चोरी होने वाले मोबाइल फोन अब केवल दूसरे राज्यों में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों की सीमाओं को पार कर रहे हैं।

चोरी के बाद 'डिस्मेंटल' का खतरनाक पैटर्न

पुलिस जांच में पता चला है कि चोर अब बेहद शातिर हो चुके हैं। चोरी या लूट के तुरंत बाद मोबाइल को 'डिस्मेंटल' (पुर्जे अलग-अलग करना) कर दिया जाता है। फोन के महंगे पार्ट्स जैसे डिस्प्ले, कैमरा और मदरबोर्ड को अलग कर अवैध बाजारों में खपाया जा रहा है, जिससे उन्हें ट्रेस करना लगभग असंभव हो जाता है।

मोबाइल चोरी का 'हॉटस्पॉट' बना भोपाल 

राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके मोबाइल चोरों के लिए सबसे आसान शिकार बन गए हैं। जिसमें न्यू मार्केट, टीटी नगर और शहर के बस स्टैंड सबसे संवेदनशील इलाके बनकर उभरे हैं। पिछले 3 महीनों में ही लूट और चोरी के 100 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

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मुंबई और बंगाल बन रहे हैं 'ट्रांजिट पॉइंट'

पुलिस सर्विलांस के अनुसार, भोपाल से चुराए गए मोबाइल सीधे विदेश नहीं भेजे जाते। इनके लिए एक संगठित रूट का उपयोग किया जा रहा है। फोन पहले मुंबई, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे तटीय और सीमावर्ती राज्यों में भेजे जाते हैं।

सीमा पार तस्करी: इन राज्यों से अवैध रास्तों के जरिए मोबाइल पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश) की सीमाओं में दाखिल कराए जाते हैं, जहां भारतीय पुलिस का सर्विलांस काम नहीं करता।

पुलिस की सलाह: भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। चोरी होने की स्थिति में तुरंत 'CEIR' पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि फोन को ब्लॉक किया जा सके।

रिकवरी कमजोर: भोपाल में मोबाइल रिकवरी की दर केवल 12% रह गई है, जो राज्य के अन्य जिलों (औसत 34%) की तुलना में काफी कम है।

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