भोपाल में गायत्री परिवार की कार्यशाला: नारी उत्कर्ष पर होगा फोकस, खरगोन की आदिवासी सीता रामा होंगी विशेष अतिथि, आयोजन इस दिन

राजधानी भोपाल के जेके हॉस्पिटल ऑडिटोरियम में रविवार, 21 दिसंबर को गायत्री परिवार महिला मंडल कोलार क्षेत्र द्वारा माता भगवती देवी शर्मा (संस्थापिका गायत्री परिवार) की जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में नारी उत्कर्ष कार्यशाला का आयोजन किया रहा है। 

Bhopal Gayatri Parivar Workshop

 Bhopal Gayatri Parivar Workshop: राजधानी भोपाल के जेके हॉस्पिटल ऑडिटोरियम में रविवार, 21 दिसंबर को गायत्री परिवार महिला मंडल कोलार क्षेत्र द्वारा माता भगवती देवी शर्मा (संस्थापिका गायत्री परिवार) की जन्म शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में नारी उत्कर्ष कार्यशाला का आयोजन किया रहा है। 

भगवती देवी शर्मा का जन्म शताब्दी वर्ष अगले साल

माता भगवती देवी शर्मा नारी जागरण की प्रणेता रहीं है। उन्हीं के संरक्षण में साल 1971 से 1980 तक हजारों देव कन्याओं को कर्मकांड, जनसंवाद, गीत-संगीत आदि का प्रशिक्षण देकर सम्पूर्ण देश में टोलियां बनाकर भेजा गया था। उन देव कन्याओं के माध्यम से शुरू हुए नारी जागरण अभियान में आज गायत्री परिवार की 50 प्रतिशत से अधिक बहनें परिवार निर्माण और समाज निर्माण के अभियान में पूर्ण निष्ठा और लगन के साथ जुटी हुई हैं।

नारी उत्कर्ष पर कार्यशाला

 कुरोतियों, अंध विश्वास जैसी जातिगत वर्गभेद मिटाने में गायत्री परिवार की बहनें अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। नारी उत्कर्ष कार्यशाला नारियों द्वारा नारियों के लिए प्रायोजित है।

 कार्यक्रम की संयोजिका डॉ.आशा पाठक ने बताया दो सत्र में सम्पन्न होने वाली कार्यशाला में भागीदारी के लिए लगभग 300 परिवारों से सम्पर्क कर कोलार क्षेत्र की कार्यकर्ता बहनें इस कार्यक्रम के निमित्त लगभग 200 घरों में देव स्थापना के माध्यम से गायत्री अर्थात सद्बुद्धि की देवी का और यज्ञ का विज्ञान सम्मत तत्वदर्शन पहुंचा चुकी हैं।

खरगोन की सीता रामा होंगी मौजूद

 कार्यक्रम में खरगोन जिले के भगवानपुरा तहसील के आदिवासी अंचल के ग्राम धूलकोटि ग्राम की सीता रामा मुख्य अतिथि के रूप में सामिल होंगी। जिन्होंने केवल कक्षा 03 तक शिक्षा प्राप्त की है, किन्तु गायत्री परिवार से जुड़कर उन्हें खरगोन जिले के लगभग 150 गांवों में नारी जागरण के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र में गहराई तक व्याप्त अंध विश्वास, मृतक भोज, अशिक्षा, कुरीतियां आदि  जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने में उल्लेखनीय कार्य किया है।

 उन्होंने सनातन संस्कृति के विस्तार का अभियान चलाकर अंचल में ईसाई मिशनरी के झासें में आकार आदिवासी परिवारों को ईशाई धर्म अपनाने से रोका है। आपने आदिवासी क्षेत्र के लगभग 40 गर्ल्स  होस्टल में कन्या कौशल शिविर लगाकर बेटियों के व्यक्तित्व विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है।

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3000 से ज्यादा आदिवासियों घरों में खुशहाली बहाल की

सीता रामा ने 3000 से अधिक आदिवासी लोगों को शराब और धूम्रपान से मुक्त कराकर परिवारों की खुशहाली बहाल की है। अपने पैत्रिक घर को शक्तिपीठ आश्रम बनाकर जन जागरण की गतिविधियां चला रही हैं। वे देशभर में आयोजित होने वाले नारी जागरण के कार्यक्रमों में पहुंचकर नई दिशा प्रदान करती हैं। 
इस कार्यशाला में अन्य विद्वान वक्ता बहन- लेखा चौहान देवास भी मार्गदर्शन देंगी। यह आयोजन भोपाल के लिए एक अभिनव आध्यत्मिक जन जागरण और नारियों के व्यक्तित्व विकास के लिए अहम होगा।

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