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Gandhinagar Lok Sabha Chunav Result 2024: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुजरात के गांधीनगर लोकसभा सीट से 445749 वोटों से चुनाव जीत गए हैं।
इस सीट पर अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस ने सोनल रमनभाई पटेल को मैदान में उतारा था। रमनभाई पटेल चुनाव हार गए हैं। शाह गांधीनगर सीट से दूसरी बार लोकसभा चुनाव लड़े और उन्होंने प्रचंड जीत हासिल की है। हालांकि, इस सीट पर पहले से ही अमित शाह की जीत तय मानी जा रही थी, क्योंकि गुजरात की गांधीनगर सीट भारतीय जनता पार्टी का गढ़ मानी जाती है।
गुजरात की हाई प्रोफाइल गांधीनगर सीट के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह हैं ने कांग्रेस के सोनल रमनभाई पटेल को हराया। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने गांधीनगर में जीत का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले 2014 में गांधीनगर से ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 4.83 लाख वोटों से जीत हासिल की थी।
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2019 का जनादेश
2019 लोकसभा चुनाव में गांधीनगर सीट से बीजेपी ने लालकृष्ण आडवाणी की उम्र ज्यादा होने का कारण उनकी जगह अमित शाह को उम्मीदवार बनाया। अमित शाह ने 8,94,624 वोटों के साथ जीत हासिल की तो वहीं कांग्रेस के चतुरसिंह जावंजी चावड़ा को 3,37,610 वोट मिले और बसपा से ज्यादा वोट नोटा को मिले।
नोटा के बटन को 14,214 वोटरों ने प्रेस किया और बसपा प्रत्याशी जयेंद्र राठौड़ को मात्र 6,400 वोट ही पाए।
कौन हैं सोनल पटेल
सोनल पटेल (Sonal Patel) गुजरात से कांग्रेस की नेता हैं। वह 2012 और 2018 के बीच छह साल तक गुजरात महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रहीं और अब एआईसीसी सचिव और मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र के लिए कांग्रेस पार्टी की सह-प्रभारी हैं।
2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सोनल पटेल को गुजरात के गांधीनगर से अमित शाह के खिलाफ मैदान में उतारा है। 1992 में कांग्रेस में शामिल हुई सोनल एक वास्तुकार भी हैं।
सीट का इतिहास
इस सीट पर सबसे पहला चुनाव 1967 में हुआ था, उस वक्त यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इस चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर एसएम सोलंकी ने बाजी मारी थी। इसके बाद 1971 में सोलंकी ने दूसरी बार चुनाव जीता।
आपातकाल के बाद 1977 में यह सीट सामान्य हो गई और इंदिरा गांधी के विरोध में छोटे-छोटे दलों के साथ मिलकर भारतीय लोक दल के उम्मीदवार ने यहां से जीत हासिल की। हालांकि, 1980 में कांग्रेस ने फिर वापसी की और 1984 में भी यहां परचम लहराया।
इसके बाद 1989 से इस सीट पर बीजेपी की जो पारी शुरू हुई, वो अभी तक नॉटआउट चल रही है। बीजेपी के टिकट पर पहला चुनाव शंकर सिंह वाघेला ने जीता था। लालकृष्ण आडवाणी ने 1991 में इस सीट से किस्मत आजमाई और बाजी मार ली।
इसके बाद 1996 के उपचुनाव में हरीशचंद्र पटेल जीते। 1996 के आम चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री और स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने यहां से चुनाव लड़ा और वह जीत गए। वाजपेयी के बाद 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार एलके आडवाणी ने इस सीट को अपने नाम किया।
इस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांधीनगर उत्तर, घाटलोडिया, साबरमती, कलोल, वेजलपुर, साणंद, नारणपुरा विधानसभा सीट आती हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में गांधीनगर उत्तर सीट से कांग्रेस, कलोल से कांग्रेस, साणंद से बीजेपी, घाटलोडिया से बीजेपी, वेजलपुर से बीजेपी, नारणपुरा से बीजेपी, साबरमती से बीजेपी ने जीत दर्ज की थी।
यानी लालकृष्ण आडवाणी के लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी को विधानसभा की पांच सीटों पर जीत मिली, जबकि दो पर कांग्रेस ने बाजी मारी।
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