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Vande Mataram 150th Anniversary: वंदे मातरम् पर चर्चा के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

Vande Mataram 150th Anniversary Live Update: बीते पांच दिनों से संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। आज 8 दिसंबर सोमवार को संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है। जिसमें पीएम मोदी अपना संबोधन दे रहे हैं। 

Preeti Dwivedi & Shaurya Verma
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Parliament Vande Mataram 150th Anniversary: लोकसभा में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर खास चर्चा हुई। इस दौरान संसद का सत्र हंगामेदार रहा। पीएम मोदी ने इस खास चर्चा की शुरुआत खुद की और उन्होंने अपने एक लंबे संबोधन में संसद में विपक्ष पर निशाना साधा। विपक्ष ने भी इस चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष का अपने तर्कों से घेराव किया। वंदे मातरम् पर चर्चा के बाद अब लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

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  • Dec 08, 2025 19:07 IST

    नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल पर वित्त मंत्री ने राज्यसभा में दिया स्पष्टीकरण

    राज्यसभा में हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पुराने जीएसटी ढांचे में शराब और सिगरेट जैसे सिन गुड्स पर बहुत अधिक टैक्स वसूला जाता था। जीएसटी के साथ लगने वाले अतिरिक्त सेस के कारण कुल टैक्स कई बार 88% तक पहुंच जाता था।

    उन्होंने बताया कि नए जीएसटी सिस्टम में यह अतिरिक्त सेस पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब इन उत्पादों पर सिर्फ जीएसटी लगेगा और टैक्स की अधिकतम सीमा 40% निर्धारित की गई है। सीतारमण ने कहा कि यह बदलाव कर प्रणाली को सरल और संतुलित बनाने की दिशा में अहम कदम है।



  • Dec 08, 2025 18:57 IST

    आज हालात बहुत अलग - डिंपल यादव

    संसद में वंदे मातरम् पर चल रही चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा, “आज हालात बहुत अलग हैं। देश में बेरोजगारी चरम पर है… सरकार को इन वास्तविक मुद्दों पर काम करना चाहिए। यदि सरकार वास्तव में वंदे मातरम् का सम्मान करती है, तो उसे हर वर्ग के लोगों के लिए जिम्मेदारी निभानी होगी।”



  • Dec 08, 2025 18:03 IST

    राजनाथ सिंह बोले—वंदे मातरम् के भूले हुए पदों को आज फिर समझने की जरूरत

    रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा कि उपन्यास आनंद मठ को गलत तरीके से इस्लाम-विरोधी बताया जाता है, जबकि यह सच नहीं है। उन्होंने बताया कि उपन्यास में जब एक पात्र वंदे मातरम् गाता है, तो दूसरा पूछता है—‘ये माता कौन है?’ और जवाब मिलता है—‘जन्मभूमि।’

    राजनाथ सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् के सिर्फ दो पदों को ही देश ने खूब सुना है, लेकिन इसके आगे के कई पद समय के साथ अनसुने और भुला दिए गए हैं। इन पदों में बंकिम चंद्र चटर्जी ने भारत और उसकी धरती की महानता का विस्तृत वर्णन किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम वंदे मातरम् के उन भूले हुए पदों को भी समझें, जो राष्ट्र के गौरव और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।



  • Dec 08, 2025 17:38 IST

    प्रियंका गांधी —“जितने साल मोदी प्रधानमंत्री रहे, उतने ही साल नेहरू ने जेल में देश की आज़ादी के लिए बिताए”

    संसद में वंदे मातरम् पर जारी बहस के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के उस स्वरूप पर सवाल उठाना, जिसे संविधान सभा ने स्वीकार किया था, दरअसल रविंद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और भीमराव अंबेडकर जैसी महान विभूतियों का अपमान है। 

    प्रियंका गांधी ने तीखे शब्दों में कहा, “हमारे प्रधानमंत्री 12 साल से सत्ता में हैं, जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इतने ही साल देश की आज़ादी के लिए जेल में बिताए थे। फिर 17 वर्षों तक उन्होंने देश का नेतृत्व किया। नेहरू का अपमान करने की जितनी इच्छा है, कर लीजिए, लेकिन इस सदन का समय बर्बाद न कीजिए। जनता ने हमें बेरोजगारी, गरीबी, प्रदूषण जैसे मुद्दों पर बात करने के लिए भेजा है।”

    उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी विपक्ष की ‘अपमान सूची’ की बात करते हैं तो बेहतर है कि वे नेहरू की ‘गलतियों की सूची’ ही तैयार कर दें, जिस पर चाहें उतने घंटे बहस कर लें। लेकिन संसद का कीमती समय भटकाने वाले विषयों पर नष्ट न करें।

    प्रियंका गांधी ने याद दिलाया कि अगर नेहरू ने ISRO और DRDO जैसे संस्थान स्थापित न किए होते, तो आज भारत का अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र इतना मजबूत नहीं होता। उन्होंने कहा, “AIIMS न बना होता तो कोविड के दौरान इलाज कहां होता? नेहरू ने देश की सेवा करते-करते अंतिम सांस ली थी।”



  • Dec 08, 2025 17:34 IST

    प्रियंका गांधी का केंद्र पर तंज—भाषण अच्छा, लेकिन तथ्यों में कमज़ोरी साफ़ दिखती है

    संसद में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम अच्छे वक्ता हैं, इसमें कोई संदेह नहीं, लेकिन उनका भाषण अक्सर लंबा होता है और सबसे बड़ी कमी यह है कि वे तथ्यों पर कमजोर पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह जनता की प्रतिनिधि हैं, कलाकार नहीं, इसलिए सदन में तथ्य और इतिहास को सही रूप में रखना उनकी जिम्मेदारी है। 

    प्रियंका गांधी ने कहा कि वंदे मातरम् की वर्षगांठ पर दिए गए भाषण में पीएम ने दावा किया कि 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने यह गीत कांग्रेस के एक अधिवेशन में गाया था। उन्होंने वंदे मातरम् की क्रोनॉलॉजी स्पष्ट करते हुए कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इसके पहले दो अंतरे लिखे थे और 1882 में उनके उपन्यास आनंदमठ के प्रकाशित होने पर इसमें चार और अंतरे जोड़े गए।

    उन्होंने कहा कि इतिहास और तथ्यों को सही रखना आवश्यक है, क्योंकि सदन देश के सामने सच्चाई रखने का स्थान है, न कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का।



  • Dec 08, 2025 17:30 IST

    प्रियंका गांधी का हमला—सरकार अतीत में उलझी, नीतियां देश को कमजोर कर रहीं

    संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का मकसद सिर्फ अतीत में उलझे रहना है। जो बीत चुका है, उसी पर राजनीति की जा रही है, जबकि देश के वर्तमान और भविष्य की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। 

    प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अब पहले जैसे पीएम नहीं रहे और यह स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं, और सत्ता पक्ष के कई नेता भी इन नीतियों से असहमत हैं, इसलिए चुप्पी साधे हुए हैं।

    उन्होंने कहा कि देश गंभीर समस्याओं से घिरा है, लेकिन सरकार के पास उनका समाधान नहीं है। प्रियंका ने यह भी कहा कि आने वाले समय में जब चुनाव पर चर्चा होगी, तब भी विपक्ष अपनी बात मजबूती से रखेगा।



  • Dec 08, 2025 17:27 IST

    प्रियंका गांधी का सवाल—वंदे मातरम् पर बहस क्यों ?

    लोकसभा में वंदे मातरम् पर चल रही चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यह गीत 150 साल से देश की आत्मा में बसता है और 75 वर्षों से राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया जा चुका है। ऐसे में आज इसकी प्रासंगिकता पर बहस कराने की जरूरत क्यों पड़ी? 

    प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने इलेक्टोरल रिफॉर्म पर बहस की मांग की तो सरकार तैयार नहीं हुई, लेकिन राष्ट्रगीत पर बहस के लिए तुरंत सहमत हो गई।

    उन्होंने कहा कि इस बहस के पीछे दो कारण नजर आते हैं—पहला, आगामी बंगाल चुनाव, और दूसरा, उन स्वतंत्रता सेनानियों पर नए आरोप लगाने की कोशिश जिन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई लड़ी। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार इस तरह की चर्चाओं से जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाना चाहती है।



  • Dec 08, 2025 16:13 IST

    ए राजा का सरकार पर हमला—“वंदे मातरम पर विभाजन मुसलमानों ने नहीं, बीजेपी ने पैदा किया”

    लोकसभा में वंदे मातरम पर हुई चर्चा के दौरान DMK सांसद ए राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम को लेकर विभाजन किसने पैदा किया? ए राजा ने सीधे आरोप लगाया कि “विभाजन मुसलमानों ने नहीं, बल्कि बीजेपी के राजनीतिक पूर्वजों ने पैदा किया था।”

    ए राजा ने दावा किया कि इतिहास में ऐसे तथ्यों के प्रमाण मौजूद हैं, जिनसे यह समझा जा सकता है कि वंदे मातरम केवल ब्रिटिश शासन के खिलाफ नहीं, बल्कि मुसलमानों के खिलाफ भी निर्देशित माना गया। उन्होंने आगे कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस को लिखे एक पत्र में उल्लेख किया था कि वंदे मातरम के खिलाफ जो विरोध उभरा, उसे कुछ साम्प्रदायिक ताकतों ने जानबूझकर हवा दी थी।

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि नेहरू खुद स्वीकार करते थे कि वंदे मातरम पर उठी आपत्तियों में कुछ वास्तविक आधार थे और यह गीत उन लोगों को प्रभावित कर सकता था जिनकी साम्प्रदायिक सोच पहले से झुकी हुई थी।



  • Dec 08, 2025 15:36 IST

    वंदे मातरम् को राजनीतिक नारे से राष्ट्रीय पहचान मिली—गौरव गोगोई

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि वायसराय कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन कर भारत को कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन 1905 के स्वदेशी आंदोलन के बाद वंदे मातरम् पूरे देश में लोकप्रिय हो गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान अलग-अलग भाषाओं में इसके अनुवाद हुए, जिससे यह राजनीतिक नारे से आगे बढ़कर राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बन गया। कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा देकर सम्मान दिया।

    गोगोई ने बताया कि 1905 में बनारस में हुए कांग्रेस अधिवेशन में सरला देवी चौधुरानी ने वंदे मातरम् गीत पेश किया और इसमें महत्वपूर्ण संशोधन भी किया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे बंगाल के संदर्भ में 7 करोड़ की आबादी के लिए लिखा था, लेकिन सरला देवी ने इसे 30 करोड़ की आबादी जोड़कर पूरे देश के लिए विस्तार दिया, जिससे इस गीत को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष तवज्जो मिली।



  • Dec 08, 2025 15:27 IST

    गौरव गोगोई का प्रधानमंत्री पर हमला—“नेहरू पर कितनी भी कोशिश कर लें, दाग नहीं लगा पाएंगे”

    पीएम मोदी के भाषण के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन से दो बातें स्पष्ट होती हैं—पहला, ऐसा प्रतीत हुआ मानो सिर्फ उनके राजनीतिक पूर्वज ही अंग्रेजों से लड़ रहे थे; दूसरा, वे पूरे वंदे मातरम को राजनीतिक रूप से विवादित बनाना चाहते हैं। 

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    गोगोई ने कटाक्ष करते हुए कहा, “आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन जितनी भी कोशिश कर लें, नेहरू जी पर दाग कभी नहीं लगा पाएंगे।” उन्होंने सवाल उठाया, “आप 1937 के कांग्रेस अधिवेशन की बात करते हैं, लेकिन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में आपके राजनीतिक पूर्वज कहां थे?”

    गोगोई ने आगे कहा कि मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम के पूर्ण बहिष्कार की मांग की थी, जबकि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने स्पष्ट कहा था कि उन्हें वंदे मातरम से कोई आपत्ति नहीं। उन्होंने जोड़ा कि उस समय हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी।



  • Dec 08, 2025 13:34 IST

    Parliament Winter Session: वंदे मातरम् पर नेहरू की चिट्ठी का जिक्र, पीएम मोदी बोले— ‘सिंहासन डोलता दिखा’

    Parliament Winter Session: संसद में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि लखनऊ में 15 अक्तूबर 1937 को मोहम्मद अली जिन्ना ने वंदे मातरम नारे का विरोध किया था। जिसके बाद कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा। नेहरू जी ने मुस्लिम लीग के बयानों को करारा जवाब नहीं दिया, न ही उनकी निंदा की, बल्कि इसके ठीक उलट किया। उन्होंने वंदे मातरम की ही पड़ताल कर दी। जिन्ना के विरोध के पांच दिन बाद ही 20 अक्तूबर को नेहरू जी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस को चिट्ठी लिखी और जिन्ना की भावना से सहमति जताते हुए लिखा कि वंदे मातरम की आनंदमठ वाली पृष्ठभूमि मुस्लिमों को चिढ़ा सकती है। नेहरू जी ने आगे लिखा कि मैंने वंदे मातरम गीत की पृष्ठभूमि पढ़ी है, मुझे लगता है कि इससे मुस्लिम भड़केंगे। 



  • Dec 08, 2025 13:20 IST

    वंदे मातरम् के 150 वर्ष, पीएम मोदी बोले— गीत के साथ अन्याय क्यों हुआ?

    पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा, वंदे मातरम् अंग्रेजों को करारा जवाब था, ये नारा आज भी प्रेरणा दे रहा। आजादी के समय महात्मा गांधी को भी यह पसंद था। उन्हें यह गीत नेशनल एंथन के रूप में दिखता था।

    उन्होंने कहा ​कि उनके लिए इस गीत की ताकत बड़ी थी। पिछली सदी में इसके साथ इतना अन्याय क्यों हुआ। वंदे मातरम के साथ विश्वासघात क्यों हुआ। वो कौन सी ताकत थी, जिसकी इच्छा कुछ पुज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ी।

    पीएम ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1936 को वंदे मातरम् के खिलाफ नारा बुलंद किया। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा। बजाय इसके कि नेहरू मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जबाब देते, उसकी निंदा करते, लेकिन उल्टा हुआ। उन्होंने वंदे मातरम् की ही पड़ताल शुरू कर दी।



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