कर्नाटक के नेताओं ने की ठाकरे की आलोचना, सीमा मामले पर प्रदर्शन

बेंगलुरु, 18 जनवरी (भाषा) संवेदनशील सीमा विवाद को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान के विरोध में बेलगावी समेत कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को प्रदर्शन हुए।

राज्य के विभिन्न दलों के नेताओं ने ठाकरे की कड़ी निंदा की।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘कर्नाटक से महाराष्ट्र को एक इंच भी जमीन देने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्हें केवल राजनीतिक कारणों से बयान जारी करना बंद कर देना चाहिए।’’

येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, ‘‘मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के इस बयान से दुखी हूं, जिससे मौजूदा सौहार्दपूर्ण माहौल बिगड़ सकता है। मैं उम्मीद करता हूं कि एक सच्चा भारतीय होने के नाते उद्धव ठाकरे संघवाद के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता एवं सम्मान दिखाएं।’’

ठाकरे ने रविवार को कहा था कि उनकी सरकार कर्नाटक के उन इलाकों को राज्य में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ,जहां मराठी भाषी लोग ज्यादा संख्या में हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा था कि इस उद्देश्य के लिए बलिदान देने वालों को यह ‘‘सच्ची श्रद्धांजलि’’ होगी।

महाराष्ट्र भाषायी आधार पर कर्नाटक के बेलगावी (पहले बेलगाम के रूप में जाने जाने वाले) तथा अन्य इलाकों पर दावा जताता है, जो पूर्ववर्ती बंबई प्रेसिडेंसी का हिस्सा थे लेकिन अब कर्नाटक राज्य में आते हैं।

बेलगाम तथा कुछ अन्य सीमावर्ती इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल कराने के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्रीय संगठन महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने उन लोगों की याद में 17 जनवरी को ‘‘शहीदी दिवस’’ मनाया था, जो इस उद्देश्य के लिए लड़ते हुए 1956 में मारे गए थे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया था, ‘‘कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी भाषी तथा सांस्कृतिक इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करना सीमा विवाद में शहीद होने वाले लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी । हम इसके लिए एकजुट हैं और हमारी प्रतिज्ञा दृढ़ है। शहीदों के प्रति सम्मान जताते हुए यह वादा करते हैं।’’

कर्नाटक के बेलगावी, कारवार और निप्पनी इलाकों पर महाराष्ट्र यह कहकर दावा जताता है कि इन इलाकों में बहुसंख्यक आबादी मराठी भाषी है।

कन्नड़ समर्थक संगठनों ने सोमवार को प्रदर्शन किए और राज्य के विभिन्न हिस्सों में ठाकरे के पुतले जलाए।

येदियुरप्पा ने कहा कि मराठी लोग कर्नाटक में कन्नड़ लोगों के साथ सौहार्द से रह रहे हैं और इसी तरह महाराष्ट्र की सीमा से लगे कई इलाकों में कन्नड़ लोग मराठी लोगों के साथ मिलकर सौहार्द से रह रहे हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने ठाकरे के बयान की निंदा करते हुए कहा कि इससे लोगों के बीच शांति एवं सौहार्द बाधित हो सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने ठाकरे के बयान की निंदा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है। पहले ही सुलझ चुके मामलों को उठाकर हमें भड़काने की कोशिश मत कीजिए।’’

सिद्धरमैया ने ठाकरे को सचेत किया, कि वह इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करें।

उन्होंने ठाकरे को याद दिलाया कि वह केवल शिवसेना के कार्यकर्ता ही नहीं है, बल्कि एक राज्य के माननीय मुख्यमंत्री भी हैं।

जद(एस) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘उनके ट्वीट देखकर लगता है कि जैसे किसी आतंकवादी ने बयान जारी किया हो।’’

कुमारस्वामी ने ठाकरे के बयान की तुलना चीन की कब्जा करने की नीति से की।

उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सवादी, राज्य के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई और कर्नाटक के कई अन्य नेताओं ने ठाकरे के बयान की निंदा की।

भाषा सिम्मी माधव

माधव

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