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छत्तीसगढ़ में पिछले 7 दिनों में 5 बैगा आदिवासियों की मौत: पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल ने क्या कहा?

Kawardha News: छत्तीसगढ़ में पिछले 7 दिनों में 5 बैगा आदिवासियों की मौत, पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल ने क्या कहा?

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Harsh Verma
छत्तीसगढ़ में पिछले 7 दिनों में 5 बैगा आदिवासियों की मौत: पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल ने क्या कहा?

Kawardha News: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पिछले 7 दिनों में 5 बैगा आदिवासियों की मौत के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. पहाड़ों में रहने वाली बैगा जनजाति के बस्तियों में डायरिया फैला हुआ है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गांव सोनवाही जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. बघेल ने सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

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मुलाकात के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यह राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हैं. पिछड़े विशेष जनजाति में आते हैं. इनका तो खास ध्यान दिया जाना चाहिए. यहां ना तो दवाइयां ना सही इलाज मिल पा रहा है. स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में सरकार की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है. उन्होंने इस मामले को विधानसभा के मानसून सत्र में उठाने की बात कही.

   सरकार जल्द सभी परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण करें: भूपेश

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भूपेश बघेल ने X पर लिखा कि शासन और प्रशासन की लापरवाही ने उल्टी-दस्त से 5 बैगा आदिवासियों की जान ले ली, पूर्व में भी ऐसी घटनाओं के बाद भी सरकार सोती रही है. सरकार जल्द से जल्द बैगा बाहुल्य क्षेत्र में सभी परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण करे, पानी का सैंपल जांच करवाए. इसके साथ ही जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे.

बघेल ने ग्रामीणों से मुलाकात का वीडियो शेयर करते लिखा कि सोनवाही (Kawardha News) के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें मच्छरदानी नहीं मिली, उल्टी-दस्त से जब तक मृत्यु नहीं हो गई तब तक स्वास्थ्य अमला सोता रहा. कितना दुःखद है कि जिन बैगा आदिवासियों को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है, केंद्र से लेकर राज्य सरकार इनके लिए विशेष योजनाएं बनाता है, वे बैगा आदिवासी एक आदिवासी मुख्यमंत्री के शासन में उपेक्षित हैं.

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   आदिवासियों को इस सरकार में योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा: भूपेश

भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि विशेष संरक्षित जनजाति होने के बावजूद सोनवाही के बैगा आदिवासियों को इस सरकार में योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. 5 मौतें होने के बाद विष्णुदेव सरकार की नींद टूटी है और आज जब हम पहुंचे तब मच्छरदानी वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण और दवाई वितरण शुरू हो सका है, अब तक 25 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं.

https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1812181046231748623

एक परिवार में 5 सदस्य हैं लेकिन सिर्फ एक मच्छरदानी दी जा रही है. उप मुख्यमंत्री का क्षेत्र होने के बावजूद पूर्व में भी कवर्धा के ही कोलियारी और दैहानडीह में उल्टी-दस्त के चलते मौतें हो चुकी हैं लेकिन सरकार गायब है. हम सरकार से मांग करते हैं कि सभी मृतक परिवारों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा राशि एवं सभी बैगा आदिवासियों को समुचित मच्छरदानी व आवश्यक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाए.

   उल्टी-दस्त से हुई ग्रामीणों की मौत

बता दें कि सोनवाही (Kawardha News) में बीते 7 दिन में 5 बैगाओं की मौत हो चुकी है. 10 जुलाई को सोनसिंह और फूलबाई की मौत उल्टी-दस्त से हुई थी. 8 जुलाई को इसी गांव के सुरेश (26) की अज्ञात कारण से मौत हुई थी. 8 जुलाई को ही लीकेश्वरी (25) की मौत लालघाट(मप्र) में उसके मायके में हुई थी. सोनवाही में उसका ससुराल है. उसकी जचकी जून महीने में हुई थी. मायके वाले कुछ दिन पहले ही उसे ले गए थे.

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वहीं 4 जुलाई को संती बाई (26) की मौत उसके ससुराल पड़की पारा में हुआ. स्वास्थ्य अमले ने इन मौतों के बाद जब घर-घर जाकर जांच की, तो 8 मलेरिया के पॉजिटिव मरीज भी मिले हैं. बताया जा रहा है कि बीते 7 दिन में 5 बैगाओं की मौत हुई है. इससे महकमे में हड़कंप मच गया है.

   विजय शर्मा भी पहुंचे थे ग्रामीणों से मिलने

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प्रदेश के डिप्टी CM गृहमंत्री विजय शर्मा भी बीमार पड़ रहे आदिवािसयों से मिलने सोनवाही गांव गए थे. उन्होंने अफसरों से कहा था कि बैगा बाहुल्य गांवों में डायरिया, मलेरिया और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें. उन्होंने वनांचल क्षेत्र झलमला,चिल्फी और तरेगांव जंगल के सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमएफ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए.

लेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने पूरी घटना की विस्तृत जानकारी भी दी थी. कलेक्टर ने गृहमंत्री से कहा था कि पांच ग्रामीणों की मृत्यु होने की बात सामने आई थी. सोनवाही में जो 5 लोगों की मौत की खबर थी, वह अलग-अलग वजहों से और अलग-अलग जगह में हुई है. सभी के मौत की वजह डायरिया या उल्टी-दस्त नहीं हैं.

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   कांग्रेस ने बनाई जांच समिति

इधर डायरिया से आदिवासियों की मौत के मामले में कांग्रेस ने जांच समिति का गठन किया है. पीससी चीफ दीपक बैज ने इसमें डोंगरगांव के विधायक दलेश्वर साहू को इस 7 सदस्यीय जांच समिति का संयोजक बनाया है. यह कमेटी इलाके का दौरा करने के बाद जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

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