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Panchak: पंचकों में विवाह करें तो क्या होता है, क्या इसे मानते हैं अशुभ, क्या कहते हैं ज्योतिष

Panchak: पंचकों में विवाह करें तो क्या होता है, क्या इसे मानते हैं अशुभ, क्या कहते हैं ज्योतिष june Panchak What happens if you get married in Panchaks, is it considered inauspicious, what does astrology say in hindi news pds

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Preeti Dwivedi
Panchak: पंचकों में विवाह करें तो क्या होता है, क्या इसे मानते हैं अशुभ, क्या कहते हैं ज्योतिष

Ashadha June Panchak 2024: 21 जून को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के साथ ही 22 जून से आषाढ़ माह की शुरुआत होने जा रही है। अगर आप भी ज्येष्ठ माह में कुछ काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको बता दें ज्येष्ठ माह की शुरुआत के साथ ही पंचकों की शुरुआत हो जाएगी।

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ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसाार हिन्दू पंचांग (Hindu Panchang) के अनुसार आषाढ़ माह की चतुर्थी को रात 3:56 से पंचकों की शुरुआत हो जाएगी। ये कब तक चलेंगे, इस दौरान कौन से पांच कार्य नहीं किए जाते जानते हैं ज्योतिषाचार्य से।

आषाढ़ माह में इस दिन से शुरू होंगे पंचक

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून और हिन्दू कैलेंडर (Hindu Calender) के अनुसार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी से पंचकों की शुरुआत होने जा रही है। जो पूरे साढ़े चार दिन तक चलेंगे। कहने को पंचक पांच दिन के होते हैं लेकिन वास्तविक रूप से ये सााढ़े चार दिन तक चलते हैं।

जून में इस दिन से पंचक शुरू

पंचक शुरू: 25 जून की रात 3:58 बजे से

पंचक समाप्त: 30 जून की सुबह 4:54 तक

आषाढ़ माह में इस दिन से पंचक शुरू

आषाढ़ माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी से शुरू

आषाढ़ माह कृष्ण पक्ष की नवमीं पर समाप्त

पंचकों में क्या कर सकते हैं

वैसे तो पंचकों में पांच कामों की मनाही हैं। लेकिन शुभ कामों में विवाह की बात करें तो पंचकों में विवाह कार्य सबसे शुभ माने जाते हैं। ऐसा इसलिए कहा जाता है कि पंचकों में जो शुभ काम होते हैं वे पांच दिन तक होते रहते हैं इसलिए विवाह कार्य होने पर वे पांच दिन तक लगातार चलते हैं। पंडितों द्वारा पंचकों में ही विवाह लग्न निकाली जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि पंचकों में जो काम होते हैं वह पांच दिन तक चलते रहते हैं।

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पंचकों में ये पांच काम हैं वर्जित

ज्योतिषाचार्य पंडित सनत कुमार खंपरिया के अनुसार हिन्दू धर्म में पंचकों में पांच काम वर्जित हैं।

1: पंचकों में दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन को कष्ट हो सकता है।

2: पंचकों में कभी भी लकड़ी या कंडा इकट्ठा नहीं करना चाहिए। यानी इन पांच दिनों में घर में लकड़ी का सामान लाना वर्जित होता है। लकड़ी का उपयोग व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद शव यात्रा में होता है। इसलिए पंचकों में इन्हें भूलकर भी घर न लाएं।

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3: इन पांच दिनों में घर की छत यानी स्लिप नहीं ढालना चाहिए। इस दौरान ऐसा करने से आपके घर को नुकसान हो सकता है। इसलिए इस दौरान ​मकान का काम चल रहा है तो ठीक पर मकान बनाने की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।

4: पंचकों में जिन कामों की मनाही है उसमें चौथे नंबर पर आता है घास की कटाई। कहा जाता है पंचकों में यदि आप घास या फसल की कटाई करते हैं तो इससे आपकी फसल को नुकसान होता है। फिर चाहे यहां घास की कटाई से अर्थ आपके गार्डन की सफाई ही क्यों न हो, पंचकों में नहीं करनी चाहिए।

5: पंचकों में शव को हिलाने की मनाही है। अब आप सोच रहे होंगे शव को हिलाने का क्या मतलब होता हैं यानी किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसकी खारी उठावना या अस्थि विसर्जन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यदि पंचकों में ये काम किया जाता है तो पांच दिन तक आपको आसपास इसी तरह की खबरें सुनने मिलती है।

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