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Jatinga Mass Bird Suicide: दुनिया में आज भी ऐसी कई चीजें, घटनाएं और जगहें हैं जो वैज्ञानिकों के लिए भी रहस्य बनी हुई हैं। ऐसी ही एक जगह असम (Assam) राज्य का जतिंगा गांव है जो कि, राज्य के डिमा हासाओ जिले में स्थित है। यह गुवाहाटी से लगभग 330 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित है। यह गांव बेहद खूबसूरत है लेकिन पक्षियों के सामूहिक आत्महत्या (Mass bird suicide) की घटना को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बना रहता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह।
कहा जाता है कि, यहां एक पक्षी नहीं बल्कि उनका पूरा समूह एक साथ आत्महत्या करता है। मानसून के अंत में खासकर जब यहां चंद्रमा नहीं होता है, तब कोहरे भरी रात में शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे के बीच ये घटना होती है।
इस घटना के पीछे की वजह अलग-अलग बताई जाती है। स्थानीय लोग मानते हैं, भूत प्रेत और अदृश्य ताकतों की वजह से ये घटना होती है। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है, रात को तेज हवाएं चलने से पक्षियों का संतुलन बिगड़ जाता है। यहां कंटीले और घने जंगल भी है। यहां रोशनी भी नहीं होती है जिस कारण वह पेड़ से टकरा जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है।
यह गांव जतिंगा वैली (Jatinga Valley) के नाम से भी जाना जाता है। इस घाटी में 44 जातियों के स्थानीय पक्षी रहते हैं। जिनमें टाइगर बिट्टर्न, ब्लैक बिट्टर्न, लिटिल इहरेट, पॉन्ड हेरॉन, इंडियन पिट्टा और किंगफिशर आदि शामिल हैं।
जतिंगा एक बेहद ही सुंदर और छोटा गांव है। उत्तरी काछार पहाड़ियों के बीच स्थित यह वैली अपने नारंगी के बागों के लिए भी फेमस हैं। यहां काफी पर्यटक आते हैं और हर साल सितंबर-अक्टूबर के दौरान हजारों की संख्या में होने वाली पक्षियों की मौत का कारण जानने के लिए भी लोग यहां आते हैं।
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