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New President of Iran: ईरान के 9वें राष्ट्रपति बने हिजाब विरोधी Pezeshkian, कट्टरपंथी जलीली को 30 लाख वोटों से हराया

New President of Iran: Masoud Pezeshkian ईरान के नए राष्‍ट्रपति बन गए हैं। ईरान के उदारवादी नेता मसूद पजशकियान ने राष्ट्रपति चुनाव में

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Aman jain
New President of Iran: ईरान के 9वें राष्ट्रपति बने हिजाब विरोधी Pezeshkian, कट्टरपंथी जलीली को 30 लाख वोटों से हराया

New President of Iran: Masoud Pezeshkian ईरान के नए राष्‍ट्रपति बन गए हैं। ईरान के उदारवादी नेता मसूद पजशकियान ने राष्ट्रपति चुनाव में 30 लाख वोटों से जीत हासिल की है।

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उन्होंने 30 लाख वोटों से कट्टरपंथी नेता सईद जलीली को बड़ी हार दी है। पजशकियान को 1.64 करोड़ वोट मिले तो वहीं जलीली को 1.36 करोड़ वोट हासिल हुए हैं।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1809467227055239578

पूर्व राष्‍ट्रपति की चली गई थी जान

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की 19 मई को हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी। इसके बाद देश में राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा की गई थी।

इससे पहले ईरान में इसी साल फरवरी में चुनाव हुए थे, जिसमें रईसी दोबारा देश के राष्ट्रपति बने थे।

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Masoud Pezeshkian करते हैं हिजाब का विरोध

ईरान के तबरीज से सांसद पजशकियान की पहचान सबसे उदारवादी नेता के रूप में रही है। ईरानी मीडिया की मानें तो लोग पजशकियान को रिफॉर्मिस्ट के तौर पर देख रहे हैं।

उन्हें पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी का करीबी माना जाता है। पजशकियान पूर्व सर्जन हैं और फिलहाल देश के स्वास्थ्य मंत्री हैं।

डिबेट में वे कई बार हिजाब का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि किसी को भी मॉरल पुलिसिंग का हक नहीं है।

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पजशकियान सबसे पहले 2006 में तबरीज से सांसद बने थे। वे अमेरिका को अपना दुश्मन मानते हैं।

2011 में कराया था चुनाव लड़ने के लिए रजिस्‍ट्रेशन

2011 में उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन बाद में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।

पजशकियान ईरान में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को लागू करने और पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए नीतियां अपनाने पर जोर देते हैं।

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हिजाब बना था बड़ा चुनावी मुद्दा

साल 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान में हिजाब का कानून लागू हुआ था। इस कानून के बनने के बाद ईरान की महिलाएं अलग-अलग तरह से हिजाब का विरोध करती नजर आई हैं।

हिजाब का विरोध कर रहीं 22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद कई हिंसक प्रदर्शन हुए थे। हिजाब का विरोध कर रही अमीनी को पुलिस को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस पर आरोप लगा कि उसे बेरहमी से पीटा गया, जिसकी वजह से वो कोमा में चली गई और फिर उसकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे देश में हिजाब का विरोध बहुत बड़ गया था।

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इस बार हुए चुनाव में हिजाब सबसे बड़ा मु्द्दा था।

चुनाव में उठा था भ्रष्टाचार का मुद्दा

इस चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ जब भ्रष्टाचार, पश्चिमी देशों के प्रतिबंध, प्रेस की आजादी, पलायन रोकने जैसे नए मुद्दे छाए हुए हैं।

सरकार के द्वारा उसके दमन के चलते कई वोटर्स के जेहन में यह सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। देश के 9वें राष्ट्रपति बन गए।

उन्होंने कट्टरपंथी सईद जलीली को शिकस्त दी है। मसूद पजशकियान को एक हिजाब विरोधी और उदारवादी नेता के रूप में जाना जाता है।

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