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Iran-Israel Conflict: नेतन्याहू लेंगे अटैक का बदला, 5 ठिकानों पर हो सकता है बड़ा हमला, वॉर कैबिनेट में लिया गया फैसला

Iran-Israel News: रूस-यूक्रेन और फिलिस्तीन- इजरायल के बाद दुनिया में एक और जंग की आहट सुनाई देने लगी है।इजरायल के जवाबी हमले का डर सता रहा है

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Kalpana Madhu
Iran-Israel Conflict: नेतन्याहू लेंगे अटैक का बदला, 5 ठिकानों पर हो सकता है बड़ा हमला, वॉर कैबिनेट में लिया गया फैसला

Iran-Israel News: रूस-यूक्रेन और फिलिस्तीन- इजरायल के बाद दुनिया में अब एक और जंग की आहट सुनाई देने लगी है। ईरान (Iran) ने इजरायल (Israel) पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागकर एक नई जंग को न्योता दे दिया है।

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अब दुनिया को इजरायल के जवाबी हमले का डर सता रहा है।  इजरायल ने कसम खा ली है कि वह ईरान से इसका बदला लेकर रहेगा और वह पलटवार करेगा।  हालांकि, इजरायल ईरान पर कब मिसाइल (Missile) बरसाएगा, यह तय नहीं है।

इस बीच इजरायल पर हमला कर दुनिया को हैरान करने वाले ईरान ने एक बार फिर से इजरायल को धमकाया है और कहा है कि अगर बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) की सरकार जवाबी कार्रवाई करती है तो ईरान ऐसा हथियार तैनात करेगा, जिसका इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ।

इजरायल किसी भी वक्त ईरान को बना सकता है निशाना

इजरायल की वॉर कैबिनेट (War Cabinet)  ने ईरान पर जवाबी हमला करने का समर्थन किया है, लेकिन ये हमला कब और कैसे होगा, इसे लेकर राय बंटी हुई है।  लेकिन सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इजरायल किसी भी वक्त ईरान के nuclear bases को निशाना बना सकता है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के कई परमाणु ठिकाने इजरायल के निशाने पर है।  इनमें नतांज, इस्फहान, अराक, फोरहदो और बुस्हर जैसे परमाणु ठिकाने (nuclear bases)  प्रमुख हैं।

कहा जा रहा है कि इजरायल की कोशिश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को डीरेल (Derail)  करने की है।  इसी वजह से वह ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बना सकता है।

UN को डर- ईरान की न्यूक्लियर फैसेलिटी पर हमला कर सकता है इजराइल

UN के न्यूक्लियर वॉचडॉग IAEA (International Atomic Energy Agency) ने आशंका जताई है कि ईरान पर जवाबी कार्रवाई के दौरान इजराइल उसकी न्यूक्लियर फैसेलिटी (Nuclear Facility) को निशाना बना सकता है।

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मंगलवार से IAEA इनका इस्पेक्शन (Inspection)  शुरू करेगी। इससे पहले रविवार को ईरान ने सुरक्षा के लिहाज से इन फैसेलिटी को बंद कर दिया था।

हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि न्यूक्लियर साइट (Nuclear Sites) पर हमले की आशंका बेहद कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस ऑपरेशन के लिए इजराइल को अमेरिका के मिलिट्री सपोर्ट (Military Support) और फंडिंग (Funding) की भी जरूरत पड़ेगी।

वॉर कैबिनेट (War Cabinet)  क्या है?

पिछले साल सात अक्टूबर को हमास के हमले (Hamas Attack) के बाद इजरायल में 'यूनिटी गवर्नमेंट' (Unity Government) बनी थी।  इस सरकार में विपक्षी नेता भी शामिल थे।  इस सरकार के गठन की अहम शर्तों में से एक 'वॉर कैबिनेट'(War Cabinet) बनाने की शर्त भी थी।

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इस कैबिनेट का मकसद गाजा में हमास के खिलाफ जंग की रणनीति (war strategy) तैयार करना था।  वॉर कैबिनेट (War Cabinet) में तीन सदस्य अहम हैं।  इनमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू(Prime Minister of Israel), रक्षा मंत्री योआव गैलांट, विपक्षी पार्टी के नेता बैनी गैंट्ज हैं।

इनके अलावा गैडी आईसेनकोट और रॉन डर्मर को बतौर ऑब्जर्वर (Observer) शामिल किया गया है।

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