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Infection after tattoo: टैटू बनवाने से फैली जानलेवा बीमारी ! सतर्क हो जाइए और अपनों को सतर्क कर दीजिए

Infection after tattoo: टैटू बनवाने से फैली जानलेवा बीमारी ! सतर्क हो जाइए और अपनों को सतर्क कर दीजिए

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Bansal News
Infection after tattoo: टैटू बनवाने से फैली जानलेवा बीमारी ! सतर्क हो जाइए और अपनों को सतर्क कर दीजिए

UTTARPRADESH/VARANSHI: सोशल मीडिया और फिल्मों के प्रभाव से टैटू बनवाने का चलन बढ़ता जा रहा है.टैटू को फैसन का हिस्सा माना जाने लगे हैं।टैटू से ही जुड़ी बेहद चौकाने वाली खबर सामने आई है। टैटू बनवाने की वजह से वाराणासी में 12 लोग HIV पॉजिटिव पाए गए हैं. इन लोगों ने हाल-फिलहाल में ही टैटू बनवाया था. टैटू बनवाते समय अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि इसके लिए जिस निडिल का इस्तेमाल किया जा रहा है वह नई है या पुरानी. तो अगर आपको भी टैटू बनवाने का शौक है तो कुछ बातों का ख्याल रखना काफी जरूरी है. आइए जानते हैं.

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पूरा मामला और विस्तार से

वाराणसी के पं. दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में पिछले दो महीनों में हुई जांच में 12 युवाओं के HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है. इस संक्रमण के पीछे का कारण टैटू बनवाया जाना बताया जा रहा है. सभी युवाओ ने  हाल-फिलहाल में टैटू बनवाए था. आमतौर पर टैटू बनवाते वक़्त अक्सर युवा इस बात का ध्यान नहीं रखते कि जिस नीडल से टैटू बनाया जा रहा, वो नया है या इस्तेमाल किया हुआ है. यही HIV पॉजिटिव होने की वजह बन रही है. ज्यादा पैसे के लालच में टैटू बनाने वाले आर्टिस्ट एक ही सुई का इस्तेमाल करते हैं और लोगों की जिंदगी को दांव पर लगा देते हैं.

डॉक्टर ने बताई जानकारी

अस्पताल की एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट सेंटर की डॉक्टर प्रीति अग्रवाल के अनुसार, "जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, पहले उन्हें नियमित बुखार आता था. फिर बॉडी कमजोर होती चली जा रही थी. काफी इलाज के बाद जब HIV जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई.''

पीड़ित की दहला देने वाली दासता

वाराणसी के बड़ागांव निवासी संतोष (परिवर्तित नाम) की उम्र 20 साल है. उन्होंने अपने गांव में लगे मेले में टैटू बनवाया. इसके कुछ महीने बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, बुखार लगातार बना रहा और कमजोरी भी बनी रही. संतोष ने वायरल, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू समेत तमाम चेकअप कराए. दवाइयां भी लगातार चलती रहीं लेकिन आराम नहीं मिला. संतोष ने जब वाराणसी आकर दिखाया तो डॉक्टरों ने HIV जांच कराई. जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई.

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संतोष ने डॉक्टर को बताया कि उसकी शादी नहीं हुई है, न ही उसने किसी से कभी शारीरिक संबंध बनाए और न कभी किसी कारण से उसे संक्रमित खून चढ़ाया गया, ऐसे में वह HIV पॉजिटिव कैसे हो सकता है?

एक ही निडिल से कई लोग बनवा रहे हैं टैटू

चौंकाने वाली बात यह है कि इन लोगों ने न तो किसी से कभी असुरक्षित यौन संबंध बनाए थे, न ही कभी संक्रमित इंजेक्शन लगवाया था. जब इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो ये लोग हैरान रह गए. ज्यादातर की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. डॉ. प्रीति के अनुसार, इन मरीजों की काउंसलिंग करने के बाद पता चला कि टैटू बनवाने के बाद से ही इनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी." दरअसल, टैटू बनवाने के लिए जिस सुई का इस्तेमाल किया गया, वही संक्रमित थी. इस सुई का इस्तेमाल कई लोगों के शरीर पर टैटू बनवाने के लिए किया गया था.

जिस निडिल से टैटू बनाया जाता है, वह काफी महंगी होती है. एक निडिल से एक ही व्यक्ति को टैटू बनवाना चाहिए. एक बार यूज किए गए निडिल का दोबारा से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना यह जानलेवा साबित हो सकता है.डॉक्टर के अनुसार, अगर आपने हाल में टैटू बनवाया है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और HIV टेस्ट कराएं, कभी किसी फेरी वाले से टैटू न बनवाएं.

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टैटू बनवाते समय इन बातों का खास ध्यान रखें

-अपने सामने नए नीडल का इस्तेमाल कराएं.

-ब्रांडेड नीडल का उपयोग करें.

-एक्सपायरी डेट जरूर पढ़ लें ,जांच परख लें.

-टैटू बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली हर चीज की जांच परख सावधानी से कर लें.

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