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Important To Know: दंगे के समय एक साथ पूरे शहर का इंटरनेट कैसे बंद कर देती है सरकार ? जानें क्या है नियम

Important To Know: दंगे के समय एक साथ इंटरनेट कैसे बंद कर देती है सरकार ?, उस खास इलाके में इंटरनेट बंद कर देती है।

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Sanjeet Kumar
Important To Know: दंगे के समय एक साथ पूरे शहर का इंटरनेट कैसे बंद कर देती है सरकार ? जानें क्या है नियम

   हाइलाइट्स

  • इंटरनेट से बिजनेस सेक्टर समेत सभी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में आए  बदलाव
  • दंगों, तनाव को रोकने के लिए एक साथ की जाती है इंटरनेट सेवाएं बंद
  • वाईफाई राउटर की तरह मोबाइल टॉवर से स्मार्ट फोन पर मिलता है सिग्नल
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Important To Know: देश और दुनियाभर में जब भी  कोई  दंगा, या कोई बड़ी घटना होती है, जिससे  अराजकता फैलती है।

ऐसे समय में सबसे पहले वहां की  सरकार इंटरनेट  सेवा सबसे पहले बंद करती है। जबकि इंटरनेट का उपयोग इतना जरूरी है कि

आज के समय में बिना इंटरनेट(Important To Know)  के कोई भी दफ्तर नहीं चल सकता और न ही कोई अन्य सेवाएं जो इंटरनेट  से जुड़ी हुई है।

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ऐसे में सरकार के पास क्या  ऐसे अधिकार होते हैं कि वह अचानक से इंटरनेट सेवाएं बंद कर देती है। इसके साथ ही पूरे शहर की इंटरनेट से चलने वाली सेवाएं पूरी तरह से ठप हो जाती है।

बता दें कि इंटरनेट (Important To Know) आने के बाद पूरी दुनियाभर में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। इंटरनेट के माध्यम से आज बिजनेस, एजुकेशन,

गवर्नेंस समेत अन्य वे सेक्टेर जहां इंटरनेट का उपयोग किया जाता है। ऐसे सेक्टर में इंटरनेट का प्रभाव और बदलाव के साथ प्रगति भी देखने को मिली है।

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   इंटरनेट के ये प्रभाव भी होते हैं

बता दें कि एक तरफ इंटरनेट (Important To Know) आने के बाद दुनिया में सकारात्मक बदलाव हुए हैं। वहीं यदि इसका दुरुपयोग होने लग जाए तो एक यह मिनट के अंदर देश,

राज्य  और जिलों के साथ शहरों में अराजकता फैलाकर दंगे भी भड़का सकता है। और ऐसा हुआ भी है कि हिंसात्मक झड़प, संप्रादायिक दंगे फैलाने में इंटरनेट का उपयोग किया जाता है।

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इसी के माध्य‍म  से फेक न्यूज का प्रचार करके लोगों के मन में वास्त विकता से इतर एक अलग ही  तस्वीर बना दी जाती है।

ऐसे में उत्तेजना  में आकर कई बार लोग गलत कदम उठा लेते हैं और दंगा भड़क जाता है। ऐसे में कई बार हिंसात्मक झड़प या राजनीतिक तनाव भी होता है।

इस स्थिति में सरकार कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उस खास इलाके में इंटरनेट (Important To Know) सेवाओं को बंद कर देती है।

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   इस तरह किया जाता है इंटरनेट बंद

बता दें कि वाईफाई राउटर के जरिए  ही सिग्नल को दूर-दूर तक पहुंचाया जाता है। इस वाईफाई राउटर का उपयोग तो आप सभी ने किया होगा।

यही वाईफाई राउटर जब ऑन रहता है तो हमें इंटरनेट (Important To Know) सेवा का लाभ मिलता है। जब हम वाईफाई बंद कर देते हैं तो हमें इंटरनेट सेवाएं भी मिलना बंद हो जाती है।

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ठीक इसी तरह आपके स्माार्टफोन में भी इंटरनेट (Important To Know) के लिए  मोबाइल टॉवर भी एक राउटर की तरह ही काम करता है।

जब कहीं भी दंगा या तनाव की हालात निर्मित होते हैं तो मोबाइल टॉवर को ही बंद कर दिया जाता है। यह सरकार बंद करती है।

या फिर संबंधित आईएसपी को आदेश देकर इंटरनेट सेवाओं को बंद कराया जाता है।

   इस तरह इंटरनेट सेवा पर लगता है बैन

बता दें कि जब भी किसी राज्य  या शहर में तनाव की स्थिति निर्मित होती है तो सबसे पहले वहां की इंटरनेट (Important To Know) सेवाएं ही बंद की जाती है।

इंटरनेट (Important To Know)सेवाएं बंद करने संबंधी क्याप है नियम आइए सिलसिलेवार जानते हैं-

  • केंद्र या राज्य के गृह सचिव विभाग से इंटरनेट बैन करने का ऑर्डर दिया जाता है।
  • ऑर्डर एसपी व उससे ऊपर की रैंक के अधिकारी के माध्यम से भेजा जाता है। यह अधिकारी सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सेवाएं ब्लॉरक करने के लिए कहता है।
  • ऑर्डर को अगले कामकाजी दिन के भीतर केंद्र या राज्य सरकार के रिव्यू पैनल के पास भेजना होता है। इस रिव्यू पैनल को 5 वर्किंग डेज में इसकी समीक्षा करनी होती है।
  • केंद्र सरकार के रिव्यू पैनल में कैबिन सेक्रेटरी, लॉ सेक्रेटरी और टेलिकम्युनिकेशन्स सेक्रेटरी होते हैं।
  • राज्य सरकार से दिए गए आदेश के रिव्यू पैनल में चीफ सेक्रेटरी, लॉ सेक्रेटरी और एक कोई अन्य सेक्रेटरी शामिल रहता है।

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   इमरजेंसी में ये करते हैं अधिकारी

बता दें कि जब भी किसी राज्यक या केंद्र या फिर किसी जिले में इमरजेंसी आती है तो ऐसे समय में इंटरनेट (Important To Know) सेवाएं बंद करने के लिए भी नियम का पालन करना जरूरी है।

ऐसे इमरजेंसी हालात में केंद्र या राज्य के गृह सचिव द्वारा अधिकृत किए गए जॉइंट सेक्रेटरी इंटरनेट बैन करने के लिए आदेश दे सकते हैं।

हालांकि, इसके लिए उन्हें 24 घंटे के अंदर केंद्र या राज्य के गृह सचिव से इसकी मंजूरी लेनी पड़ेगी।

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